राज्यसभा में विपक्ष नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार 1 जुलाई को जबरदस्त भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने सत्ता पक्ष से न सिर्फ तीखे सवाल किए, बल्कि चुनाव के दौरान जिस तरह का ध्रुवीकरण किया गया, उस पर भी सरकार को निशाने पर लिया। जिस वक्त मल्लिकार्जुन खरगे भाषण दे रहे थे, उसी समय किसी सांसद ने उन्हें टोक दिया। इस पर कांग्रेस अध्यक्ष काफी ज्यादा नाराज हो गए और उन्होंने उस सांसद से कहा कि तुम मत बोलो। बैठ जाओ।
पीएम मोदी और गृह मंत्री जिम्मेदार है
मल्लिकार्जुन खरगे बता रहे थे कि किस तरह स्टॉक मार्केट चुनाव के समय ऊपर गया और नीचे गिर गया। उन्होंने कहा कि 19 मई को पीएम मोदी ने कहा कि स्टॉक ऊपर जाएगा। गृह मंत्री अमित शाह ने 4 जून से पहले शेयर खरीदने को कहा। एग्जिट पोल आया और तीन जून को स्टॉक मार्केट ऊपर गया। फिर 4 जून को नतीजे वाले दिन स्टॉक मार्केट गिर गया। निवेशकों को 30 लाख करोड़ का नुकसान हुआ। इसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह जिम्मेदार हैं।
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विपक्ष नेता खरगे ने आगे कहा कि आखिर में मैं देश की लाइफलाइन रेल पर बात करना चाहता हूं। कुछ दिन पहले कंचनजंगा ट्रेन दुर्घटना हुई, पिछले साल बालासोर रेल हादसा हुआ। रेलवे ऑस्ट्रेलिया जितनी आबादी को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का काम करता है। इस दौरान सत्ता पक्ष के एक सांसद ने खरगे को टोका दिया तो इससे खरगे नाराज हो कर और उन्होंने कहा, “तुम्हारे पिताजी को रिसीव करने के लिए रेल नहीं जाती है।” इस दौरान सदन में हंगामा मच गया।
धारा 144 के उल्लंघन पर हमें गिरफ्तार किया गया
सभापति जगदीप धनखड़ ने सभी को शांत कराया और खरगे को आगे बोलने के लिए कहा गया। नेता विपक्ष ने पांच दशक पहले का एक किस्सा बताते हुए कहा, “गुलबर्गा में एयरपोर्ट नहीं था। 1970 में इनके (सत्ता पक्ष के सांसद) पिताजी ने हम सबको अंदर करवा दिया था। धारा 144 के उल्लंघन पर हमें गिरफ्तार किया गया था।”
खरगे ने आगे कहा, “1971 में मोहन आर्या, चंद्रशेखर और कृष्णकांत गुलबर्गा आए थे। उन लोगों ने धारा 144 का उल्लंघन किया। उस वक्त मैं ब्लॉक का अध्यक्ष था। इसलिए मुझे भी अंदर कर दिया गया। एक-दो घंटे बाहर हमें छोड़ा गया। उस वक्त विमान नहीं था, रेल ही होती थी। मत बोलो तुम, तुम्हारी इज्जत करता हूं तुम्हारे पिताजी की वजह से। बैठ जाओ।”
हालांकि, ये साफ नहीं हो पाया कि सत्ता पक्ष के किस सांसद से खरगे ने ये बातें कहीं है। खरगे ने अपने भाषण में चंद्रशेखर का जिक्र किया। माना जा रहा है कि वह पूर्व प्रधामनंत्री चंद्रेशखर का जिक्र कर रहे थे, जो 70 के दशक में कांग्रेस का हिस्सा थे। वर्तमान में उनके पुत्र नीरज शेखर राज्यसभा सांसद हैं। ऐसे में अटकलें लगाया जा सकता है कि खरगे ने शायद नीरज शेखर को ही बैठने को कहा था।


