Kanpur News : कानपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। एक नाबालिग लड़के को पुलिसकर्मियों द्वारा अपहरण कर फिरौती मांगने और फिर झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगा है। यह मामला कानपुर के चकेरी क्षेत्र के काजीखेड़ा इलाके का है, जहां पीड़ित महिला ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं।
अपहरण और फिरौती का आरोप
पीड़ित महिला सोनी, जो काजीखेड़ा की निवासी हैं, ने आरोप लगाया कि 14 मई को चकेरी थाने के चार पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में उसके घर आए और उसके नाबालिग बेटे का घर के बाहर से अपहरण कर लिया। जब सोनी अपने बेटे को छुड़ाने के लिए थाने पहुंची, तो पुलिसकर्मियों ने उसे छोड़ने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की। जब महिला ने पैसे नहीं दिए, तो पुलिसकर्मियों ने उसके बेटे को झूठे मुकदमे में फंसा कर जेल भेज दिया।
न्याय की गुहार और कोर्ट का आदेश
सोनी ने अपने बेटे की रिहाई के लिए कई प्रयास किए, जिसमें उसने जिला प्रोबेशन अधिकारी और 1098 हेल्पलाइन से भी संपर्क किया। महिला ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय में भी शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन वहां से कोई मदद नहीं मिली। इसके बाद उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
पीड़ित महिला ने सीजेएम सूरज मिश्रा की कोर्ट में याचिका दाखिल की, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने दरोगा पंकज कुमार मिश्रा, सिपाही गौरव यादव और दो अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ अपहरण, रंगदारी, गाली-गलौज, मारपीट, और धमकाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस का पक्ष
इस मामले पर डीसीपी ईस्ट श्रवण कुमार का कहना है कि पीड़ित महिला का आपराधिक इतिहास रहा है। उन्होंने बताया कि गांजा तस्करों पर कार्रवाई के दौरान यह घटना घटी थी और महिला ने पुलिस पर दबाव बनाने के लिए कोर्ट से मुकदमा दर्ज कराया है। डीसीपी का कहना है कि मामले की जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।


