Mahakumbh 2025 : महाकुंभ मेला इस बार एक बार फिर ऐतिहासिक भीड़ का गवाह बन रहा है। आज महाकुंभ का 36वां दिन है, और सुबह 10 बजे तक 58 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई है। इस भीड़ के चलते प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं ताकि सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
संगम स्टेशन को 26 फरवरी तक बंद कर दिया गया है, ताकि ट्रेन यातायात पर भीड़ का असर न पड़े। इसके अलावा, मेला क्षेत्र में वाहनों की एंट्री एक बार फिर से रोक दी गई है, और सभी प्रकार के पास रद्द कर दिए गए हैं। इस निर्णय का कारण केवल सुरक्षा और व्यवस्था को सुनिश्चित करना है, जिससे यात्री और श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के मेला क्षेत्र में पहुंच सकें। प्रशासन ने संगम तक जाने के लिए पार्किंग की व्यवस्था भी की है। वाहनों को संगम से 10-12 किलोमीटर पहले बनाए गए पार्किंग क्षेत्रों में रोका जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को पैदल ही संगम की ओर बढ़ना पड़ रहा है। इससे यातायात में कोई व्यवधान न आए, इसके लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं।
महाकुंभ में कई प्रमुख हस्तियां भी रहेंगी मौजूद
महाकुंभ में तैनात अधिकारियों की ड्यूटी को 27 फरवरी तक बढ़ा दिया गया है, ताकि हर पहलू पर नज़र रखी जा सके और श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। आज, 17 फरवरी को महाकुंभ में कई प्रमुख हस्तियां भी मौजूद रहेंगी। भाजपा सांसद और प्रसिद्ध अभिनेत्री कंगना रनौत संगम में डुबकी लगाने के लिए पहुंचेंगी, वहीं गुजरात, महाराष्ट्र, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल भी आज संगम में स्नान करेंगे।महाकुंभ के इस वर्ष के आयोजन में रिकॉर्ड बन रहे हैं। गंगा पंडाल में 8 घंटे के भीतर करीब 10,000 लोग हैंड प्रिंटिंग का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाएंगे, जो मेला क्षेत्र की एक और खास बात होगी।
15 किमी तक लग गया था लंबा जाम
हालांकि, श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि के कारण, शनिवार को प्रयागराज-रीवा हाईवे पर 15 किमी लंबा जाम लग गया था, और लखनऊ, कानपुर, तथा जौनपुर के रास्तों पर भी गाड़ियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। इस दौरान एयरपोर्ट पर भी यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, जहां वे जमीन पर बैठे और लेटे हुए नजर आए।
इस महाकुंभ (Mahakumbh 2025) में अब तक 53 करोड़ श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं, और यह आंकड़ा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। प्रशासन और सुरक्षा बलों की मेहनत से मेला क्षेत्र में व्यवस्था बनाए रखने की पूरी कोशिश की जा रही है, ताकि हर श्रद्धालु को सुखद अनुभव हो और इस धार्मिक आयोजन का महत्व पूरी दुनिया में बना रहे।


