गाजियाबाद के बेहटा हाजीपुर गांव में पार्किंग ठेकेदार सारिक के दो मंजिला मकान में 12 मई बुधवार रात 8 बजे भीषण आग लग जाने से दो मासूम बच्चे और दो महिलाओं समेत पांच लोग जिंदा जल गए। ये पांचों धुएं की वजह से बाहर नहीं निकल सके।
रात 12 बजे इनके शव निकाले गए। एक युवती और एक बच्चा बुरी तरह झुलस गए हैं। बताया जा रहा है कि मकान की पहली मंजिल पर रखीं मशीनों में बिजली का शार्ट सर्किट होने के वजह से आग लगी ।
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एसीपी भास्कर वर्मा ने बताया कि मृतकों में सारिक की पत्नी फरहीन (25), सात माह का बेटा सीज, बहन नाजरा (35), बहनोई सैफ (36) और भांजी इसरा (चार) शामिल हैं। सारिक की दूसरी बहन उज्मा और नाजरा का बेटा अर्श रहमान बुरी तरह झुलस गए हैं। उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बिजली शार्ट सर्किट होने के वजह से लगी आग।
सारिक ने बताया कि वे आठ बजे के करीब दूध लेने के लिए गए थे। थोड़ी देर बाद लौटे तो मकान को आग की लपटों ने घेर रखा था। आग बुझाने में जुटे रहे आसपास के लोगों ने बताया कि मकान की पहली मंजिल पर कुछ मशीनें लाकर मरम्मत के लिए रखी गईं थी।
यहां कुछ कबाड़ का सामान भी रखा है। सबसे पहले आग यहीं से लगी। माना जा रहा है कि बिजली के किसी तार में शार्ट सर्किट हुआ। लोगों को पता तब चला जब आग दूसरी मंजिल पर पहुंच गई।
दमकल के आने से पहले लोग खुद ही बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास करते रहे। आसपास के लोगों ने बताया कि ऐसे लग रहा था कि शव बुरी तरह झुलस गए, दम घुटने की वजह से लोग निकल नहीं पाए और लपटों ने उन्हें घेर लिया।
2 घंटे बाद आई दमकल।
आसपास के लोगों ने बताया कि आग लगने के 10 मिनट बाद ही सूचना दे दिए जाने के बावजूद दमकल 2 घंटे बाद पहुंची। एक घंटे में दो दमकलों ने आग पर काबू पाया। धुआं होने की वजह से शव निकालने में देरी हो गई। दमकल के देरी से पहुंचने की वजह रास्ता अवरुध होना रही। कुछ लोगों ने रास्ते में गार्डर डाल रखे हैं। इस वजह से दमकल को पांच किलोमीटर घूमकर आना पड़ा।


