सोमवार (15 जुलाई) को इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा ने घोषणा की है, पांच हिंदू महिलाओं को सार्वजनिक रूप से इस्लाम में परिवर्तित करने और उनके मुस्लिम साथियों के साथ उनका निकाह (विवाह) कराने की तैयारी चल रही है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें इस्लाम धर्म अपनाने के लिए 5 हिंदू पुरुषों और 15 महिलाओं से 23 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
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तौकीर रजा का यह दावा
तौकीर रजा ने 21 जुलाई को पहले चरण में 5 हिंदुओं का धर्म परिवर्तन करने और उनके मुस्लिम साथियों के साथ निकाह करने की कसम खाई है। सामूहिक धर्मांतरण कार्यक्रम सुबह 11 बजे खलील हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित किया जाएगा। यह शिक्षण संस्थान उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में स्थित है। तौकीर रजा ने अब जिला प्रशासन से इस तरह के आयोजन की अनुमति मांगी है। रजा के सहयोगी नदीम कुरैशी ने इस आशय का पत्र नगर मजिस्ट्रेट राजीव शुक्ला को भेजा है।
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निजी मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि उन्हें इस तरह के आयोजन की अनुमति के लिए आवेदन मिला है। उन्होंने इसे स्थानीय पुलिस को भेज दिया है। तौकीर रजा ने हिंदुओं के सामूहिक धर्मांतरण को उचित ठहराया।
5 जोड़ों का धर्म परिवर्तन और फिर कराना है निकाह
मौलाना तौकीर रजा ने अपने सामूहिक धर्मांतरण कार्यक्रम और निकाह को यह दावा करके उचित ठहराने की कोशिश है, कई अंतर-धार्मिक जोड़े पहले से ही लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। उन्होंने कहा कि हालांकि संविधान ऐसे रिश्तों की अनुमति देता है, लेकिन इस्लाम और हिंदू धर्म में ये गैरकानूनी हैं। धोखे से धर्मांतरण से ध्यान हटाने के लिए तौकीर रजा ने दावा किया कि उनके संगठन ‘इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी)’ ने घोषणा की है, वह प्यार या लालच के लिए लड़के और लड़कियों को इस्लाम में धर्मांतरण की अनुमति नहीं देगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन को उन्हें कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति देनी चाहिए क्योंकि वह कुछ भी ‘अवैध’ नहीं कर रहे हैं।


