Mayawati News : उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक 22 वर्षीय दलित युवती का शव नग्न अवस्था में मिला है। शव को स्थानीय नहर में पाया गया, और युवती के शरीर पर गहरे घावों के साथ ही उसकी आंखें भी निकाली गई थीं। इस भयावह हत्या को लेकर पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है, और राजनीतिक पार्टियां भी इस मामले पर जोरदार बयानबाजी कर रही हैं।
मायावती ने यूपी सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, “उत्तर प्रदेश के जिला अयोध्या के सहनवां में दलित परिवार की बेटी का शव निर्वस्त्र अवस्था में मिला है, उसकी दोनों आंखें फोड़ दी गई हैं तथा अमानवीय व्यवहार भी हुआ है, यह बेहद दुःखद व अति गम्भीर मामला है। सरकार सख्त कदम उठाये, ताकि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति ना हो।”
मायावती के बयान से स्पष्ट है कि वे इस घटना को केवल एक अपराध नहीं, बल्कि एक सामाजिक और राजनीतिक मुद्दा भी मानती हैं, जो प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था और दलित समुदाय की स्थिति पर सवाल उठाता है।
हत्या और पुलिस की लापरवाही
युवती के परिवार ने हत्या का आरोप लगाते हुए कहा है कि उसकी आंखें निकाल ली गई थीं और शरीर पर गहरे घावों के निशान थे। परिवार का कहना है कि पुलिस ने युवती की गुमशुदगी की रिपोर्ट मिलने के बावजूद कोई सक्रियता नहीं दिखाई। उनका आरोप है कि पुलिस ने समय पर जांच शुरू नहीं की, जिससे युवती की जान जा सकती थी।
परिजनों के अनुसार, युवती गुरुवार रात से लापता थी। उसके बाद परिवार ने उसकी तलाश शुरू की, और शनिवार सुबह शव नहर में मिला। शव की स्थिति को देखकर परिजनों को आशंका है कि युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और फिर हत्या कर दी गई।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
अयोध्या के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) आशुतोष तिवारी ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि गुमशुदगी की रिपोर्ट मिलने के बाद शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज कर ली गई थी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
भाजपा पर विपक्ष का हमला
इस मामले (Mayawati News ) को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। विपक्षी पार्टियां, खासकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस, ने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए इसे कानून व्यवस्था की बिगड़ी स्थिति का परिणाम बताया है। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं, और सरकार को जल्द ही कड़े कदम उठाने चाहिए।


