One Nation One Election : बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का समर्थन करते हुए इसे खर्च कम करने और जनहित के कार्यों में रुकावट रोकने वाला कदम बताया है। मायावती ने अन्य दलों से भी इसका समर्थन करने की अपील की।
इसके साथ ही उन्होंने एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की, ताकि इसके साथ कोई छेड़छाड़ न हो। उन्होंने कहा कि अनुसूची में शामिल कानून न्यायिक समीक्षा से बाहर रहते हैं, जिससे आरक्षण की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। मायावती ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि इन पार्टियों को आरक्षण के मुद्दे पर बयान देने का कोई अधिकार नहीं है। मायावती ने कांग्रेस और सपा पर आरोप लगाया कि जब यूपीए सत्ता में थी, तब एससी-एसटी को पदोन्नति में आरक्षण देने वाले विधेयक का दोनों पार्टियों ने विरोध किया था। उन्होंने कहा कि संसद में आरक्षण पर दोनों दलों की हालिया बातें सिर्फ दिखावा हैं और इनमें कोई सच्चाई नहीं है।
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मायावती ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर भाजपा के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि सभी दलों को राजनीति से ऊपर उठकर इस विषय पर आम जनहित में काम करना चाहिए। उन्होंने इसे गरीब और वंचित तबकों की पार्टी बसपा की प्राथमिकता बताया। मायावती ने यह भी कहा कि संसद में संविधान पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने आरक्षण पर जो बयान दिए, वे वास्तविकता से परे हैं।
बसपा प्रमुख ने अपनी पार्टी को गरीबों और मजलूमों की हितैषी बताते हुए कहा कि बसपा ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का समर्थन इसलिए कर रही है, ताकि जनहित के कार्य बाधित न हों। बता दें कि बसपा को हाल के वर्षों में चुनावी असफलताओं का सामना करना पड़ा है और संसद में उसका सिर्फ एक सदस्य, वह भी राज्यसभा में है।


