PM Modi Oath Taking Ceremony: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के तहत भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली तीसरी सरकार का शपथ ग्रहण समारोह रविवार शाम 7:15 बजे राष्ट्रपति भवन में होगा। एनडीए सरकार में उत्तर प्रदेश के मंत्री भी शामिल होंगे। भाजपा के सहयोगी दलों के नेता भी सरकार का हिस्सा होंगे। सूत्रों के मुताबिक, लखनऊ से भाजपा नेता और सांसद राजनाथ सिंह, अपना दल (सोनेलाल) की नेता और मिर्जापुर से सांसद अनुप्रिया पटेल और राष्ट्रीय लोकदल के नेता और राज्यसभा सांसद जयंत चौधरी को मंत्री बनाया जा सकता है।
इसके अलावा उत्तराखंड से सांसद अजय टम्टा को भी मंत्री बनाया जाएगा और वे पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं। सूची में पीलीभीत से नवनिर्वाचित सांसद और यूपी सरकार के मंत्री जितिन प्रसाद भी शामिल हैं, जो पहले से ही दिल्ली में हैं। कुछ अन्य नेताओं को भी मंत्री बनाया जा सकता है। लोकसभा चुनाव के बाद अखिलेश यादव का ध्यान अब 2027 के विधानसभा चुनाव पर है और उन्होंने समाजवादी पार्टी के नए सांसदों के साथ बैठक की। उत्तर प्रदेश में 4 जून को संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने कुल 36 सीटें हासिल कीं। इसमें अपना दल की 1 सीट, राष्ट्रीय लोक दल की 2 सीट और भाजपा की 33 सीटें शामिल हैं।
सहयोगी दलों के मंत्रियों का चयन कैसे हुआ?
एबीपी न्यूज को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद जब विभिन्न सहयोगी दलों के नेताओं ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की, तो भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने सहयोगी दलों की मांगों के बारे में जानकारी जुटाई। उस बैठक में भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने सहयोगी दलों से पूछा कि वे कितने मंत्री पद चाहते हैं और भाजपा के नजरिए पर चर्चा की। सहयोगी दलों ने अपनी मांगें और विचार भाजपा नेतृत्व के सामने रखे। इसके बाद भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने कई घंटों तक गठबंधन दलों की मांगों पर चर्चा की और फिर सहयोगी दलों के नेताओं के साथ आगे की चर्चा की।
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शनिवार शाम तक यह तय हो जाने के बाद कि किस गठबंधन दल को कितने मंत्री पद दिए जाएंगे, इसकी जानकारी संबंधित दलों के नेताओं को दे दी गई। उनकी मंजूरी मिलने के बाद फोन आने शुरू हो गए।


