प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) आज लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने के लिए पहुंचे थे। उन्होनें कहा मैं राष्ट्रपति के अभिभाषण के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए उपस्थित हुआ हूं। राष्ट्रपति जी ने विकसित भारत के संकल्प को अपने प्रवचन में विस्तार दिया है। पीएम मोदी ने लोकसभा में कहा कि जनता ने हमें दुनिया के सबसे बड़े चुनाव अभियान में चुना है। मैं कुछ लोगों की पीड़ा समझ सकता हूं कि लगातार झूठ चलाने के बावजूद भी उनका घोर पराजय हुआ।
पहली बार सांसद बनकर हमारे बीच आए
पीएम मोदी (PM Modi) ने आगे कहा कि कल और आज कई मान्य सदस्यों ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। विशेष कर जो पहली बार सांसद बनकर हमारे बीच आए हैं और उनमें से कुछ साथियों ने अपने जो विचार व्यक्त किए, संसद के नियमों का पालन करते हुए किए, उनका व्यवहार ऐसा था जैसे एक अनुभवी सांसद का होता है और इसलिए प्रथम बार आने के बावजूद भी उन्होंने सदन की गरिमा को बढ़ाया है और उन्होंने अपने विचारों से इस परिचर्चा को और अधिक मूल्यवान बनाया है।
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तुष्टीकरण नहीं संतुष्टीकरण के विचार को लेकर चले – पीएम मोदी
बता दें कि पीएम मोदी (PM Modi) ने आगे कहा कि लंबे अरसे तक देश ने तुष्टीकरण के शासन के मॉडल को भी देखा और हमने धर्मनिरपेक्षता का जो प्रयास किया वो भी देखा। हम तुष्टीकरण नहीं संतुष्टीकरण के विचार को लेकर चले हैं। एक जमाना था जब कोयला घोटाले में बड़ों-बड़ों के हाथ काले हो चुके थे और अब कोयले का सबसे ज्यादा उत्पादन हो रहा है।
साथ ही हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं। पिछली विधानसभा चुनाव में इन तीन राज्यों में हमें जितने वोट मिले थे, इस लोकसभा चुनाव में हमें उससे ज्यादा वोट मिले हैं।


