Priyanka Gandhi Vadra : 13 दिसंबर, 2024 को संसद का शीतकालीन सत्र खास बना, जब कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोकसभा में अपने पहले भाषण के दौरान भारत के संविधान पर गहरी चर्चा की। यह संविधान की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित बहस के दौरान हुआ, जहां प्रियंका गांधी ने संविधान की अहमियत और इसके तहत मिलने वाली मूल अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया।
प्रियंका गांधी ने कहा, संविधान ही हमारी आवाज है। इसने हमें अभिव्यक्ति का अधिकार दिया और हमें यह ताकत दी कि हम सरकार बदल सकें। यदि लोकसभा चुनाव के नतीजे कुछ और होते, तो सत्ता पक्ष के लोग संविधान को ही बदलने की कोशिश करते। उन्होंने यह भी बताया कि संविधान ने गरीबों और महिलाओं को अपनी आवाज दी है, जिससे सामाजिक और राजनीतिक न्याय की दिशा में अहम कदम उठाए गए हैं।
जाति जनगणना की आवश्यकता पर जोर
प्रियंका गांधी ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार आरक्षण को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने जाति जनगणना की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि यह आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने सत्ता पक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा कि वे जाति जनगणना पर चर्चा के बजाय दूसरों मुद्दों की बात कर रहे हैं।
संविधान का सुरक्षा कवच और आरक्षण पर हमला
प्रियंका गांधी ने संविधान को एक सुरक्षा कवच बताया जो नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करता है। उन्होंने कहा, हमारा संविधान न्याय, एकता, और अभिव्यक्ति के अधिकार का कवच है, लेकिन सत्ता पक्ष ने इसे कमजोर करने की पूरी कोशिश की है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह लेटरल एंट्री और निजीकरण के जरिए आरक्षण को कमजोर कर रही है।
महिलाओं के अधिकारों की रक्षा
प्रियंका गांधी ने सदन में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा की बात भी की और उन्नाव रेप पीड़िता के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा, उन्नाव की रेप पीड़िता को आज तक न्याय नहीं मिला है। संविधान ने महिलाओं को अपनी आवाज उठाने का अधिकार दिया है, लेकिन इस मामले में न्याय की प्रक्रिया में विफलता ने हमारी न्याय प्रणाली को चुनौती दी है।
प्रियंका गांधी ने बीजेपी पर तीखा हमला किया और कहा कि उनके पास ‘वॉशिंग मशीन’ हैं, जिससे लोग राजनीतिक दलों से स्वच्छ होकर वहां बैठ जाते हैं, लेकिन पहचान में नहीं आते। यह वाक्य सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं के बारे में था जिन्होंने कभी अन्य दलों में काम किया था और अब बीजेपी में शामिल हो गए हैं।
सदन में हंगामा और विपक्ष की सक्रियता
प्रियंका गांधी का यह भाषण ऐसे समय में हुआ जब सदन में भारी हंगामा हो रहा था और बार-बार स्थगित किया जा रहा था। इसके बावजूद, प्रियंका ने अपने प्रभावशाली भाषण के माध्यम से संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद की।

