RG Kar Rape case : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में चिकित्सक के साथ बलात्कार और हत्या के मामले में मुख्य आरोपी संजय रॉय को शनिवार को दोषी करार दिया गया। यह घटना 9 अगस्त को घटी थी, जब 28 वर्षीय स्नातोकोत्तर चिकित्सा प्रशिक्षु का शव अस्पताल के संगोष्ठी कक्ष में मिला था। संजय रॉय को मामले में आरोपी होने के बाद एक दिन के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया था।
अदालत के फैसले के बाद आरोपी संजय रॉय ने अपना बचाव करते हुए कहा कि उसे झूठे आरोपों में फंसाया गया है और इस मामले में एक आईपीएस अधिकारी भी शामिल है। उसने यह भी दावा किया कि जिन लोगों ने इस अपराध को अंजाम दिया है, उन्हें छोड़ा जा रहा है। हालांकि, अदालत ने उसे दोषी करार दिया और सोमवार, 20 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी।
संजय रॉय दोषी करार
इस मामले ने न केवल कोलकाता बल्कि पूरे देश में आक्रोश का माहौल पैदा किया था। चिकित्सक समुदाय और उनके परिवार के लोग इस मामले को लेकर गंभीर चिंता में हैं। वे मानते हैं कि संजय रॉय अकेले इस कृत्य को अंजाम नहीं दे सकता था और मामले में एक बड़ी साजिश हो सकती है। इसके कारण डॉक्टरों के संगठनों ने व्यापक जांच की मांग की है।
इस मामले के बाद, देशभर में चिकित्सकों की सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन और आक्रोश बढ़ गया था। कार्यस्थल पर सुरक्षा की मांग को लेकर डॉक्टरों ने आवाज उठाई। अदालत परिसर में शनिवार को फैसले के बाद स्थिति शांत रही, लेकिन तनावपूर्ण माहौल बना हुआ था। वहां मौजूद एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने इस मामले को न्याय के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण करार दिया और कहा कि यह सिर्फ एक अपराध का मामला नहीं, बल्कि न्याय की प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ है। वहीं, एक स्थानीय व्यक्ति ने सवाल किया, ‘‘क्या उसे अधिकतम सजा मिलेगी?’’
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सीबीआई ने संजय रॉय के लिए कठोरतम सजा की मांग की है, जबकि चिकित्सक के माता-पिता ने आरोप लगाया कि केवल एक व्यक्ति अकेले ऐसा कृत्य नहीं कर सकता। वे चाहते हैं कि इस मामले में सच्चाई को पूरी तरह से सामने लाया जाए और व्यापक जांच की जाए।


