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Sambhal News : दंगे का शिकार हुए हिन्दू परिवार को 47 साल बाद मिला न्याय, जानिए क्या है पूरा मामला

by | Jan 15, 2025 | अपना यूपी, आपका जिला, ट्रेंडिंग, बड़ी खबर, मुख्य खबरें

Sambhal News : संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला जगत में एक हिंदू (माली) परिवार की लाखों रुपये की जमीन पर दूसरे समुदाय के लोगों द्वारा कब्जा किए जाने का मामला सामने आया है। यह जमीन आजाद जन्नत निशा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के परिसर में स्थित है, जो 10वीं कक्षा तक संचालित होता है।

मंगलवार को एसडीएम वंदना मिश्रा पीड़ित परिवार के साथ मौके पर पहुंची और खतौनी के आधार पर लगभग डेढ़ बीघा जमीन को चिह्नित कराया। वहीं, विद्यालय के प्रबंधक डॉ. शाजेव ने दावा किया है कि यह जमीन 1971 से 1976 के बीच संस्था के नाम पर खरीदी गई थी और इसके बैनामे भी कराए गए थे।

कस्बा नरौली के निवासी रघुनंदन ने बताया कि उनका परिवार 1978 तक संभल के महमूद खां सराय में रहता था, लेकिन 1978 में हुए दंगों के बाद वे नरौली में बस गए। रघुनंदन का कहना है कि उनकी पुश्तैनी जमीन मोहल्ला जगत में स्थित थी, जिसमें फूलबाग हुआ करता था। उनका आरोप है कि दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने उनकी पुश्तैनी जमीन पर कब्जा कर लिया और उसे विद्यालय की जमीन में शामिल कर दिया। उन्होंने कई बार इसकी शिकायत की, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।

पीड़ित परिवार ने जब डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया से शिकायत की, तो उन्होंने मामले की जांच के आदेश दिए। इस प्रक्रिया के तहत एसडीएम वंदना मिश्रा ने खतौनी के आधार पर जमीन का मुआयना किया और डेढ़ बीघा जमीन को चिह्नित किया। एसडीएम के अनुसार, खतौनी में पीड़ित परिवार के पास दो बीघा जमीन का उल्लेख है, लेकिन मौके पर केवल डेढ़ बीघा जमीन पाई गई है। विद्यालय प्रबंधन ने अभी तक इस संबंध में कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए हैं।

विद्यालय के प्रबंधक डॉ. शाजेव ने बताया कि उनका विद्यालय 1968 से एक वित्तविहीन संस्था द्वारा संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 1971, 1972 और 1976 के बीच अलग-अलग समय पर जमीन के बैनामे किए गए थे, और उस समय संस्था के नाम पर ही जमीन खरीदी गई थी। डॉ. शाजेव के अनुसार, विद्यालय परिसर में लगभग छह बीघा जमीन पर विद्यालय संचालित हो रहा है, और जिस हिस्से की चिह्निती की गई है, वह मैदान का हिस्सा है।

विद्यालय परिसर में एक पुराना फायर स्टेशन का बोर्ड भी लगा हुआ मिला, जिसे लेकर एसडीएम ने जांच शुरू की। विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि यह बोर्ड दमकल विभाग द्वारा लगाए गए थे, जब फायर सिलिंडर लगाने के लिए टीम आई थी। हालांकि, एसडीएम ने इस पर संदेह व्यक्त किया और पूछा कि अगर यह केवल प्रचार का बोर्ड होता तो उस पर “फायर स्टेशन संभल” क्यों अंकित होता।

इसके बाद, एसडीएम (Sambhal News) ने दमकल विभाग को मौके पर बुलाया, और जानकारी लेने पर यह पाया गया कि 1984 से फायर स्टेशन मंडी समिति में संचालित हो रहा था। अब एसडीएम ने अग्निशमन अधिकारी से रिकॉर्ड मंगवाए हैं, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि 1984 से पहले फायर स्टेशन इस जमीन पर संचालित होता था या नहीं।

एसडीएम वंदना मिश्रा ने कहा कि पीड़ित परिवार की शिकायत पर जांच की जा रही है और जमीन को चिह्नित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि फायर स्टेशन के बोर्ड को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि सही स्थिति का पता चल सके। एसडीएम ने यह भी बताया कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा कोई सही दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं, और आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अगले चरण में, मुरादाबाद (Sambhal News) से रिकॉर्ड मंगवाए जा रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि 1984 से पहले फायर स्टेशन इस जमीन पर संचालित होता था या नहीं। विद्यालय प्रबंधन को भी दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है, और अगर प्रशासन ने मामले में उचित कार्रवाई नहीं की, तो पीड़ित परिवार ने न्याय के लिए आगे कदम उठाने की बात कही है।

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