पीएम नरेंद्र मोदी ने 22 मई (बुधवार) को उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती में सपा पर जमकर जुबानी हमला बोला। उन्होंने कहा कि रैली का जनसैलाब और उत्साह साफ-साफ बता रहा है कि ‘सपा-कांग्रेस का इंडी गठबंधन पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। पूरा भारत एक ही बात कह रहा है, एक बार फिर मोदी सरकार’। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था, ‘कल एक वीडियो देख रहा था, जिसमें लोग भाग कर मंच पर चढ़ रहे थे, तो मैंने पूछा, ये हुड़दंग क्यों मच रहा है?
उन्होंने बताया कि सपा कांग्रेस वाले रैली में लोगों को लाने के लिए कॉन्ट्रैक्ट देते हैं, प्रति व्यक्ति को पैसे देते हैं, लेकिन इन्होंने पैसा दिया नहीं, तो लोग भागकर मंच पर चढ़ने लगें। अब जिस पार्टी का ये हाल हो, वो आपका भला कैसे कर सकती है।
सपा पार्टी ने किया मोदी के बयान पर पलटवार
समाजवादी पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बयान पर प्रतिक्रिया दी है। समाजवादी पार्टी प्रवक्ता मनोज काका ने सोशल मीडिया साइट x पर लिखा- अखिलेश यादव को सुनने के लिए लाखों लाखों लोगों की युवाओं की जनमानस खुद आ रही है उधर भाजपा के बादशाह बौखलाए है क्योंकि उनकी रैलियों में कुर्सियाँ ख़ाली रह जाती है, भाजपा इलेक्टोरल बांड का पैसा बाँट रही है और आरोप विपक्षी दलो पर मोदी जी लगा रहे हैं।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि भाजपा सरकार ने 50 करोड़ से ज्यादा गरीबों के जनधन खाते खुलवाए है। वे बैंक खाते बंद कर देंगे और पैसे छीन लेंगे। भाजपा सरकार ने हर गांव में बिजली पहुंचाई, वे बिजली कनेक्शन कटवा कर फिर अंधेरा कर देंगे। भाजपा सरकार घर-घर पानी पहुंचा रही है, सपा-कांग्रेस वाले घर की पानी की नल की टोंटी भी खोल कर ले जाएंगे।
कांग्रेस ने किया पीएम मोदी पर जुबानी हमला
पीएम मोदी के नल की टोंटी वाले बयान पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी उन्होंने कहा कि मंगल सूत्र, भैंस के बाद आज पीएम मोदी ने कहा – इंडी वाले , आपके बैंक खाते बंद कराके उसका पैसे छीन लेंगे , घर के बिजली कनेक्शन काटकर अंधेरा कर देंगे , आपके नल खोल ले जाएंगे मुझे तो अब मुझे इनकी चिंता हो रही है यह हार की हताशा नहीं, उससे कहीं ज़्यादा गंभीर समस्या दिख रही है।
क्या लगता है अब इसके बाद क्या बोलेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बच्चे के टिफ़िन का एक सैंडविच खा लेंगे, मटर पनीर की सब्ज़ी में से पनीर निकाल कर खा लेंगे, बच्चे खेलने जाएँगे तो उनका बैट चुरा लेंगे, जब कपड़े सूख रहे होंगे तो शर्ट लेकर भाग जाएँगे , घर के बाहर से दूध का पैकेट और अख़बार चुरा कर भाग जाऐंगे, मंदिर के बाहर से चप्पल चुरा लेंगे , गाड़ियों से पाइप लगा कर पेट्रोल चुरा लेंगे उम्र का असर है या दिमाग़ी या फिर दिवालियापन? ख़ैर जो भी है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आख़िरकार यह तो मान ही लिया कि इंडी वाले आ रहे हैं।


