UP News : उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले की खैर विधानसभा सीट पर हाल ही में हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रत्याशी सुरेंद्र दिलेर ने शानदार जीत दर्ज की है। सुरेंद्र दिलेर ने समाजवादी पार्टी (सपा) की प्रत्याशी चारू कैन को 38,393 वोटों के भारी अंतर से हराया। इस जीत के साथ ही सुरेंद्र दिलेर ने न केवल अपनी सियासी यात्रा की शुरुआत की, बल्कि अपने दादा और पिता की राजनीतिक धारा को भी आगे बढ़ाया।
सुरेंद्र दिलेर की ऐतिहासिक जीत
बीजेपी प्रत्याशी सुरेंद्र दिलेर को इस चुनाव में कुल 1,00,181 वोट मिले, जबकि सपा की प्रत्याशी चारू कैन को 61,788 वोट प्राप्त हुए। बसपा के पहल सिंह को 13,365 वोट मिले, जबकि आसपा के उम्मीदवार नितिन कुमार को 8,269 वोट मिले। अन्य उम्मीदवारों को भी कुछ वोट मिले, लेकिन बीजेपी की जीत ने साफ तौर पर दिखा दिया कि खैर सीट पर दिलेर परिवार का दबदबा कायम है।
नोटा को 760 वोट मिले, जो इस सीट पर जनता के एक वर्ग की निराशा को दर्शाते हैं। हालांकि, बीजेपी के सुरेंद्र दिलेर की जीत ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया कि पार्टी के लिए इस क्षेत्र में अभी भी मजबूत पकड़ है।
दादा-पिता की राजनीतिक धरोहर को बनाए रखा
सुरेंद्र दिलेर की यह जीत न केवल व्यक्तिगत सफलता का प्रतीक है, बल्कि उनके दादा किशन लाल दिलेर और पिता राजवीर सिंह दिलेर की राजनीतिक विरासत को भी कायम रखने का संकेत देती है। किशन लाल दिलेर यूपी की राजनीति में एक प्रमुख नाम रहे हैं। वह छह बार के विधायक और चार बार के सांसद रहे हैं। वहीं, उनके बेटे राजवीर सिंह दिलेर भी बीजेपी से एक बार सांसद और एक बार विधायक रह चुके हैं। अब तीसरी पीढ़ी के रूप में सुरेंद्र दिलेर ने अपनी जीत से यह साबित किया कि बीजेपी पर विश्वास रखने वाले मतदाताओं का समर्थन उनके परिवार के प्रति बना हुआ है।
खैर सीट पर उपचुनाव क्यों हुआ?
खैर विधानसभा सीट (UP News) पर उपचुनाव की वजह पिछले साल के लोकसभा चुनाव के बाद हुई। साल 2022 में हुए उपचुनाव में इस सीट पर अनूप प्रधान वाल्मीकि ने जीत दर्ज की थी। बाद में, 2024 के लोकसभा चुनाव में अनूप प्रधान को हाथरस सीट से सांसद चुना गया, जिसके कारण उन्होंने खैर विधानसभा सीट खाली कर दी, और इस सीट पर उपचुनाव आयोजित कराया गया।


