UP News : कानपुर रोड पर एलिवेटेड रोड निर्माण एक बार फिर लापरवाही के कारण चर्चा में आ गया है। बुधवार को एक गंभीर हादसा होते-होते बचा जब हाईटेंशन लाइन का पोल शिक्षिका नीलम माया की कार पर गिर गया। गनीमत यह रही कि शिक्षिका उस समय कार में मौजूद नहीं थीं, अन्यथा यह घटना एक बड़ी दुर्घटना का रूप ले सकती थी।
हादसा और राहत
यह हादसा तब हुआ जब पीएनसी कंपनी द्वारा सरोजनीनगर और बंथरा इलाके में एलिवेटेड रोड का निर्माण किया जा रहा था। हीरालाल यादव लॉ कॉलेज के पास 1,25,000 वोल्टेज वाली लाइन के खंभे को शिफ्ट किया जा रहा था। अचानक क्रेन का वायर टूटने से खंभा सीधे नीचे खड़ी शिक्षिका की कार पर जा गिरा, जिससे कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे लोग सकते में आ गए, और वहां भगदड़ मच गई। कई राहगीर भी बाल-बाल बच गए।
कंपनी पर लापरवाही का आरोप
घटना के बाद पीएनसी कंपनी पर लापरवाही के आरोप लगे। स्थानीय लोग, कॉलेज के शिक्षक, और छात्र बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और कंपनी की कार्यशैली पर सवाल उठाए। हंगामे के कारण कानपुर से लखनऊ की ओर जाने वाली सड़क पर जाम लग गया। बाद में पीएनसी अधिकारियों ने शिक्षिका नीलम माया को आर्थिक मदद देकर मामले को सुलझा लिया, लेकिन इससे कंपनी की लापरवाही को अनदेखा नहीं किया जा सकता।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
यह पहली बार नहीं है जब पीएनसी कंपनी की लापरवाही सामने आई हो। इससे पहले भी सरोजनीनगर और बंथरा इलाकों में कई हादसे हो चुके हैं। बंथरा इलाके में गर्डर गिरने और लोहे के भारी टुकड़े वाहनों पर गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं में कई लोग घायल भी हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद निर्माण में लगे कर्मचारियों और अधिकारियों की लापरवाही जारी है।
एनएचएआई की प्रतिक्रिया
हादसे के बाद एनएचएआई के परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एनएचएआई ने तुरंत कार्रवाई की। कंसल्टेंट टीम के लीडर और रोड सेफ्टी एक्सपर्ट को काम से हटा दिया गया है और पीएनसी कंपनी को सुरक्षा मानकों को पूरा करने तक काम रोकने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही, तीनों कंपनियों को नोटिस भेजा गया है, जबकि कंसल्टेंट की फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।


