UP News : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में हाल ही में एक अभिनव पहल के तहत इंटरमीडिएट में टॉप करने वाली 10 मेधावी छात्राओं को एक दिन के लिए विभिन्न प्रशासनिक पदों पर नियुक्त किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना और लड़कियों को नेतृत्व का अनुभव दिलाना था।
जिलाधिकारी बनीं यशवी
इन छात्राओं में विशेष रूप से यशवी का नाम उभरा, जो एक किसान की बेटी हैं। उन्हें सहारनपुर की जिलाधिकारी बनने का अवसर मिला। यशवी ने जिलाधिकारी की कुर्सी पर बैठकर जनता की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के प्रयास किए। उन्होंने अनुभव साझा करते हुए कहा, “डीएम की कुर्सी पर बैठना आसान नहीं है, क्योंकि इसके साथ बड़ी जिम्मेदारियां भी आती हैं।”
यशवी का यह अनुभव उनके लिए बेहद प्रेरणादायक रहा, और उन्होंने आगे चलकर यूपीएससी की परीक्षा देकर स्थायी रूप से डीएम बनने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा, “मैं सभी लड़कियों से कहना चाहती हूं कि अगर वे ठान लें, तो कुछ भी कर सकती हैं।”
जिलाधिकारी मनीष बंसल का नेतृत्व
इस अनूठी पहल (UP News) का नेतृत्व सहारनपुर के जिलाधिकारी मनीष बंसल ने किया। 2013 बैच के यूपी काडर के IAS अफसर मनीष बंसल ने इस अवसर पर कहा, “यह महिला शक्ति का प्रतीक है कि आज एक लड़की ने जिलाधिकारी की कुर्सी संभाली है।” उन्होंने इस पहल को गर्व का विषय बताया और कहा कि उनके कार्यकाल में छात्राओं को यह मौका मिला।
समाज में नई प्रेरणा
इस पहल ने न केवल इन छात्राओं को प्रोत्साहित किया, बल्कि समाज में महिलाओं की शक्ति और नेतृत्व क्षमता को भी एक नया आयाम दिया। राशन कार्ड और भूमि कब्जे जैसी समस्याएं लेकर लोग यशवी के पास आए, और उन्होंने उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पूरी मेहनत की।


