UP News : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने युवाओं को सशक्त बनाने के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश सरकार अब फिर से युवाओं को मुफ्त में स्मार्टफोन देने जा रही है, जिसे स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना के तहत लागू किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत 25 लाख स्मार्टफोन खरीदे जाएंगे, जिनकी कुल लागत 2493 करोड़ रुपये होगी। एक स्मार्टफोन की कीमत 9972 रुपये तय की गई है। यह योजना युवाओं के शैक्षिक और व्यावासिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लाई गई है।
युवाओं को स्मार्टफोन देने का उद्देश्य
उत्तर प्रदेश सरकार का मानना है कि स्मार्टफोन मिलने से युवा अपनी शैक्षिक पाठ्यक्रमों को आसानी से पूरा कर सकेंगे और साथ ही विभिन्न सरकारी, गैर-सरकारी और स्वावलंबन योजनाओं का भी लाभ उठा सकेंगे। वित्तीय वर्ष 2021-22 में इस योजना के पायलट प्रोजेक्ट के तहत 60 लाख डिवाइस वितरित किए गए थे, जिसमें 22.80 लाख टैबलेट और 37.25 लाख स्मार्टफोन शामिल थे। अब 25 लाख स्मार्टफोन का वितरण किया जाएगा, जिसका फायदा उन युवाओं को मिलेगा, जो स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा कौशल विकास आदि विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रमों से जुड़े हैं।
डिफेंस सेक्टर में नए निवेश का लक्ष्य
साथ ही, उत्तर प्रदेश सरकार ने एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर में नए निवेश लाने की योजना भी बनाई है। इसके लिए सरकार ने 50,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा है और इससे एक लाख लोगों को रोजगार देने की उम्मीद है। इसके तहत पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश में निवेश करने पर 25 प्रतिशत की कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी, जबकि बुंदेलखंड और पूर्वांचल में निवेश करने पर यह सब्सिडी 35 प्रतिशत तक हो सकती है। इस नीति का उद्देश्य राज्य में रक्षा क्षेत्र में उच्च प्रौद्योगिकी युक्त मैन्यूफैक्चरिंग वातावरण बनाना है।
नई नीति के तहत कई तरह की राहत
इस नीति में एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर के यूनिट्स को कई तरह की राहत और छूट देने का प्रस्ताव है। इनमें जमीन की खरीद पर छूट, स्टांप ड्यूटी में सौ प्रतिशत छूट, भूमि पर पट्टा किराए में कमी, और संयंत्र व मशीनरी के परिवहन लागत में सब्सिडी शामिल हैं। इसके अलावा, इस नीति के तहत महिला उद्यमियों को अतिरिक्त दो प्रतिशत की सब्सिडी भी दी जाएगी।
रक्षा मंत्रालय ने (UP News) 2025-26 तक एयरोस्पेस और डिफेंस उत्पादन को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है, जिससे इसका योगदान 25 बिलियन अमेरिकी डॉलर और निर्यात 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सके। इसे ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश को एक प्रमुख रक्षा औद्योगिक गलियारा बनाने के लिए चुना गया है। इसके तहत न केवल बड़े निवेश आकर्षित किए जाएंगे, बल्कि स्वदेशी क्षमताओं को भी बढ़ावा मिलेगा।
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