UP News : रामपुर जिले में एक पाकिस्तानी महिला शुमायला खान के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। शुमायला ने बरेली के फतेहगंज पश्चिमी विकास खंड क्षेत्र में सहायक शिक्षक की नौकरी प्राप्त की थी, लेकिन दस्तावेजों के सत्यापन में फर्जीवाड़ा पाए जाने के बाद उसे निलंबित कर दिया गया है।
शुमायला खान, जो रामपुर शहर के बजरोही टोला, गली नंबर चार के मकान नंबर 20 की निवासी हैं, ने फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्ति प्राप्त की। वर्तमान में वह प्राथमिक विद्यालय माधौपुर में सहायक अध्यापक के रूप में कार्यरत थी।
क्या है पूरा मामला
यह मामला तब उजागर हुआ जब उसकी नागरिकता को लेकर शिकायत की गई थी, जिसमें आरोप था कि वह पाकिस्तानी नागरिक हैं। विभागीय अधिकारियों ने उसकी दस्तावेजों की जांच शुरू की, जिसमें यह पाया गया कि शुमायला ने फर्जी तरीके से सामान्य निवास प्रमाणपत्र तैयार किया था, और एसडीएम सदर रामपुर की जांच में यह साबित हुआ कि प्रमाणपत्र में जानबूझकर जानकारी छुपाई गई थी।
जांच में यह भी सामने आया कि शुमायला खान वास्तव में पाकिस्तानी नागरिक हैं। इसके बाद, बीएसए ने 3 अक्तूबर 2024 को शुमायला को निलंबित कर दिया। बीईओ भानु शंकर गंगवार की शिकायत पर फतेहगंज पश्चिमी थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है और अब उसकी गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
शुमायला खान ने 2015 में फर्जी दस्तावेजों के जरिए नौकरी हासिल की थी और तब से वह प्राथमिक विद्यालय माधौपुर में सहायक अध्यापक के रूप में काम कर रही थी। इस दौरान उसने लाखों रुपये वेतन के रूप में प्राप्त किए। अब विभाग ने उसे नियुक्ति तिथि से पद से हटा दिया है और उसकी सेवा समाप्त कर दी है।
यह घटना एक गंभीर प्रशासनिक चूक का उदाहरण है, जहां फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किसी को सरकारी नौकरी मिल गई और कई वर्षों तक वह न केवल वेतन प्राप्त करता रहा, बल्कि बच्चों के भविष्य को भी प्रभावित किया। विभागीय अधिकारी अब इस मामले की पूरी तरह से जांच कर रहे हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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