UP News : उत्तर प्रदेश में 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तैयारियाँ जोरों पर हैं। इन उपचुनावों का आयोजन महाराष्ट्र और झारखंड के साथ-साथ होने की संभावना है। भाजपा ने इन चुनावों में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए व्यापक रणनीतियाँ बनाई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गाजियाबाद से अयोध्या तक, चुनावी रैलियों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
लोकसभा चुनाव 2024 के बाद की चुनौती
भाजपा (UP News) की इस चुनावी मुहिम का मुख्य उद्देश्य 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों में मिली हार के बाद उत्पन्न हुए नकारात्मक माहौल को सुधारना है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि इस बार पार्टी में आपसी मतभेदों को समाप्त करने का खास प्लान तैयार किया गया है। यह बात पहले कई बार सामने आई थी कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य तथा ब्रजेश पाठक के बीच संबंध ठीक नहीं हैं।
संयुक्त रैलियों की योजना
इन कयासों को दूर करने के लिए भाजपा ने संयुक्त रैलियों का आयोजन करने का निर्णय लिया है। चुनाव प्रचार में सभी 10 सीटों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहेंगे। इन रैलियों का मुख्य उद्देश्य यह संदेश देना है कि भाजपा और यूपी सरकार में एकजुटता है और सब कुछ सही चल रहा है।
नेतृत्व परिवर्तन की अफवाहें
माना जाता है कि लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा को इन चर्चाओं के कारण नुकसान हुआ था कि चुनाव के बाद सूबे में नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है। हालांकि, ऐसा कुछ नहीं हुआ, और अब भाजपा ने एकजुटता के साथ जमीन पर यह संदेश देने का निर्णय लिया है कि पार्टी में सब कुछ ठीक है।
उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया
भाजपा (UP News) उपचुनाव वाली 10 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम भी जल्दी ही तय कर सकती है। इन नामों पर विचार करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, यूपी के चीफ भूपेंद्र चौधरी, डिप्टी सीएम केशव मौर्य और ब्रजेश पाठक हाल ही में दिल्ली पहुंचे थे। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद थे।
सहयोगी दलों की भूमिका
मौजूदा जानकारी के अनुसार, मीरापुर सीट भाजपा की ओर से सहयोगी दल राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) को दी जा सकती है। खैर सीट पर भी आरएलडी की दावेदारी है। इसके अलावा, निषाद पार्टी ने मांग की है कि उसे कठारी और मझवां सीट मिल जाए। गाजियाबाद में भाजपा की स्थिति मजबूत है, और यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई बार रैलियां कर चुके हैं।
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