UP News : प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी कर्मचारियों और अधिकारियों से उनकी संपत्ति का ब्यौरा देने का आदेश दिया था। मानव संपदा पोर्टल पर यह ब्यौरा अपलोड करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित की गई थी। लेकिन, 30 सितंबर की समयसीमा समाप्त होने के बाद, लगभग 39,000 कर्मचारियों ने अभी तक अपनी संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया है। ऐसे में राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि इन कर्मचारियों को इस महीने की सैलरी नहीं दी जाएगी।
राज्य सरकार द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, प्रदेश में कुल 8,46,640 राज्य कर्मचारी हैं। इनमें से केवल 7,88,506 कर्मचारियों ने ही संपत्ति का ब्यौरा मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड किया है। इसका मतलब है कि 39,077 कर्मचारी इस कार्य में असफल रहे हैं।
विभागीय आंकड़े
सरकार (UP News) ने विभिन्न विभागों के कर्मचारियों से संपत्ति का ब्यौरा मांगा था। इनमें टेक्सटाइल, सैनिक कल्याण, ऊर्जा, खेल, कृषि और महिला कल्याण, बेसिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, चिकित्सा स्वास्थ्य, औद्योगिक विकास और राजस्व विभाग शामिल हैं।
दिलचस्प बात यह है कि उत्तर प्रदेश पुलिस के 99.65 फीसदी कर्मचारियों ने संपत्ति का ब्यौरा समय पर दे दिया है। इसके अलावा, कृषि विभाग के 99 फीसदी और पंचायतीराज, पशुधन, चिकित्सा शिक्षा, आयुष विभाग के 95 फीसदी कर्मचारियों ने भी अपनी संपत्ति की डिटेल्स जमा कर दी हैं।
कर्मचारियों की जिम्मेदारी
सरकार का यह कदम कर्मचारियों की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार की इस सख्ती का कितना असर होता है और क्या बाकी बचे कर्मचारी समय पर अपनी संपत्ति का ब्यौरा प्रस्तुत करते हैं।
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