UP News : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार लगातार ऐसे नाम और अनाम महापुरुषों को सम्मानित करने का कार्य कर रही है, जिनका योगदान समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण रहा है, लेकिन जिन्हें इतिहास में उचित स्थान नहीं मिला।
इसी क्रम में सरकार ने हाल ही में लखनऊ के 8 रेलवे स्टेशनों के नाम बदलने की घोषणा की, जिसमें निहालगढ़ रेलवे स्टेशन का नाम अब महाराजा बिजली पासी के नाम पर रखा जाएगा। यह कदम पासी समाज के लिए गर्व का विषय है, जिसने दलित राजनीति में अपना महत्वपूर्ण स्थान बनाया है।
महाराजा बिजली पासी का इतिहास
महाराजा बिजली पासी ((UP News) ) का इतिहास गौरवमयी और प्रेरणादायक है। वे दिल्ली के राजा पृथ्वीराज चौहान और कन्नौज के राजा जयचंद के समकालीन थे। उनकी सत्ता का केंद्र लखनऊ से लगभग 15 किलोमीटर दूर बिजनौर नामक गाँव में था, जिसे बाद में बिजनागढ़ के नाम से जाना गया। महाराजा बिजली पासी ने अपनी मां की याद में इस गांव की स्थापना की थी। यह गांव अब एक छोटे कस्बे के रूप में विकसित हो चुका है, और संयोग से इसी नाम का एक जिला भी लखनऊ से लगभग 400 किलोमीटर दूर स्थित है।
किलों का निर्माण और विरासत
महाराजा बिजली पासी ने लखनऊ और उसके आस-पास 12 किलों का निर्माण किया था। इनमें से सबसे प्रमुख किला लखनऊ के दक्षिणी छोर पर आशियाना टाउनशिप में स्थित है। एक किला अयोध्या में भी मौजूद है, जबकि अन्य किले अब अवशेषों में भी नहीं बचे हैं। महाराजा बिजली पासी ने अपने समय में अपने राज्य की रक्षा और विस्तार के लिए अद्वितीय युद्वकौशल का प्रदर्शन किया। वर्ष 1194 में वे वीरगति को प्राप्त हुए। उनके बाद, विशेष रूप से दलित राजनीति के उदय के साथ, उनका नाम पुनः चर्चा में आया और उन्हें एक महापुरुष के रूप में सम्मानित किया गया।
योगी सरकार का सम्मान
योगी सरकार (UP News) द्वारा निहालगढ़ रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर महाराजा बिजली पासी के नाम पर रखने का निर्णय उस खाई को पाटने का एक प्रयास है, जो इतिहास ने उनके और उनके योगदान के बीच खड़ी की थी। इस कदम से न केवल पासी समाज बल्कि समस्त दलित समाज में एक नई गौरव की भावना का उदय हुआ है। यह कदम केवल एक स्टेशन का नाम बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संकल्प है कि उन महापुरुषों को उचित स्थान दिया जाए, जिन्होंने समाज के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया, लेकिन जिन्हें इतिहास ने भुला दिया था। महाराजा बिजली पासी का यह सम्मान उनकी वीरता, साहस और समाज के प्रति उनके योगदान का सच्चा आदर है।


