UP News : उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। हाल ही में आयोजित सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर किसी वाहन का बार-बार चालान होता है, तो उस गाड़ी के मालिक का लाइसेंस कैंसिल कर दिया जाएगा। यह कदम प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या को कम करने और लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान अधिकारियों से कहा कि वे सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन सुनिश्चित करें और लोगों को ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने से रोकने के लिए कड़े कदम उठाएं। उन्होंने विशेष रूप से प्रयागराज महाकुंभ में बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि वहां आने वाले भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
तेज गति और लापरवाही के कारण बढ़ते हादसे
मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि तेज गति और सीट बेल्ट न लगाने जैसे कारणों से कई सड़क हादसों में लोगों की जान चली जाती है। बाइक सवार भी हेलमेट का इस्तेमाल नहीं करते, जो दुर्घटनाओं का कारण बनता है। 18 साल से कम उम्र के बच्चे भी बिना लाइसेंस के वाहन चला रहे हैं, जो न केवल उनके लिए, बल्कि अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए भी खतरे का कारण बनता है। मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर खास ध्यान देते हुए नाबालिगों को वाहन चलाने से रोकने के निर्देश दिए हैं।
स्कूलों में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम
सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 5 जनवरी तक जिला सड़क सुरक्षा समितियों की बैठकें आयोजित की जाएं। इसके साथ ही, 6 से 10 जनवरी तक सभी स्कूलों और कॉलेजों में सड़क सुरक्षा नियमों से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए हर जिले में विशेष प्रयास किए जाएंगे।
महाकुंभ में यातायात व्यवस्था और सुरक्षा
प्रयागराज महाकुंभ (UP News) में बेहतर यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने पीआरडी और होमगार्ड्स की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया है। उनका कहना था कि महाकुंभ के दौरान होने वाली भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए यातायात व्यवस्थाएं और सुरक्षा उपायों को मजबूत किया जाए।
सड़क सुरक्षा माह और नियमित बैठकें
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सड़क सुरक्षा माह को केवल लखनऊ तक सीमित नहीं किया जाए, बल्कि इसे राज्य के सभी 75 जिलों में लागू किया जाए। इसके अलावा, हर महीने जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा की बैठकें आयोजित की जाएं, जिसमें पुलिस, आरटीओ, पीडब्ल्यूडी, शिक्षा विभाग और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि दुर्घटनाओं वाले क्षेत्रों की पहचान की जाए और उनकी सुरक्षा के लिए विशेष उपाय किए जाएं। नाबालिगों द्वारा ई-रिक्शा चलाने पर विशेष ध्यान दिया जाए और ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जाए। इसके अलावा, ओवरलोडिंग पर कड़ी नजर रखी जाए और इसे शुरुआती बिंदु पर ही रोका जाए। सड़क पर खड़े ओवरलोडेड वाहनों को क्रेन से हटवाया जाए ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
लाइसेंस कैंसिलेशन और जागरूकता अभियान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (UP News) ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर किसी वाहन का बार-बार चालान होता है, तो उसके लाइसेंस या परमिट को निरस्त किया जाए। इस प्रक्रिया को फास्टैग से जोड़ा जाए ताकि यातायात व्यवस्था अधिक पारदर्शी हो सके। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जानकारी देने वाली होर्डिंग्स को प्रदेश भर में प्रमुख स्थानों पर लगाए जाएं, ताकि लोग सड़क सुरक्षा के महत्व को समझ सकें।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में स्कूलों और कॉलेजों में रोड सेफ्टी क्लब की तर्ज पर रोड सेफ्टी पार्क बनाने का निर्देश दिया, ताकि छात्र-छात्राएं और आम नागरिक सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक हो सकें।
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