UP News : उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मामले को लेकर कोर्ट में एक नई याचिका दाखिल की गई है. याचिका में दावा किया गया है कि वर्तमान गर्भगृह, जिसे भगवान कृष्ण का जन्मस्थान माना जाता है, मूल जन्मस्थान नहीं है। याचिका के अनुसार, प्राचीन केशव देव मंदिर के गर्भगृह को मुगल शासक औरंगजेब ने 1669-70 में ध्वस्त कर दिया था और उसी स्थान पर एक ईदगाह का निर्माण किया गया था। इसलिए अनुरोध है कि दर्शन के लिए आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए यह स्पष्ट रूप से बताते हुए एक नोटिस बोर्ड लगाया जाए कि गर्भगृह वास्तविक जन्मस्थान नहीं है।\
2024 के लोकसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी का बुलंदशहर दौरा
2024 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री मोदी का आज बुलंदशहर दौरा है, जहां डीएफसीसीआईएल के उद्घाटन की योजना है। वकील पी.वी. रघुनंदन का दावा है कि वर्तमान गर्भगृह भगवान कृष्ण का प्रामाणिक जन्मस्थान नहीं है। द्वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश अनुपमा सिंह की अदालत में दायर याचिका में दावा किया गया है कि वास्तविक गर्भगृह वाले मंदिर के मुख्य हिस्से को औरंगजेब ने नष्ट कर दिया था और उस स्थान पर शाही ईदगाह का निर्माण हुआ था।
ये भी पढ़ें..
यूपी के दो आईपीएस अधिकारियों के मिलेगा वीरता पुरस्कार, जानिए किसके नाम की हुई घोषणा
याचिका में क्या कहा गया ?
याचिका में कहा गया है कि साइट पर आने वाले भक्तों को सूचित करने के लिए एक नोटिस बोर्ड लगाया जाए कि यह वास्तविक गर्भगृह नहीं है। याचिकाकर्ता की ओर से वकील पंकज जोशी ने कहा कि कोर्ट ने याचिका मंजूर कर ली है, लेकिन सुनवाई की कोई तारीख तय नहीं की गई है. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एएसआई सर्वेक्षण की मांग पर फिलहाल रोक लगा दी है, जैसा कि पहले अयोध्या राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद के संदर्भ में किया गया था।


