Bareilly Riots : बरेली दंगे के मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा को हाईकोर्ट से तत्काल राहत नहीं मिली है। तौकीर रजा की याचिका पर आज (19 मार्च) मंगलवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई पूरी होने के बाद हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। मौलाना तौकीर रजा ने बरेली कोर्ट से जारी गैर जमानती वारंट के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। आज की सुनवाई में तौकीर रज़ा और उत्तर प्रदेश सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों दोनों ने अपनी दलीलें पेश कीं।
न्यायमूर्ति आर.एम.एन. मिश्रा की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई की। 2010 में बरेली दंगा मामले में बरेली कोर्ट ने मौलाना तौकीर रजा को दोषी पाया था। दोषी पाए जाने के बाद मौलाना तौकीर रजा को कोर्ट में सरेंडर करना था. कोर्ट में पेश न होने पर उनके खिलाफ दो बार गैर जमानती वारंट जारी हो चुका है। कोर्ट ने बरेली पुलिस को मौलाना तौकीर रजा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का भी आदेश दिया है। बरेली कोर्ट ने मौलाना तौकीर रजा को दंगों का मास्टरमाइंड करार दिया था। मौलाना तौकीर रज़ा इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के प्रमुख हैं।
बरेली दंगे (Bareilly Riots) के मुख्य आरोपी तौकीर रजा के मामले में एक-दो दिन में फैसला आने की उम्मीद है। फैसला आने तक कोर्ट ने मौलाना को अंतरिम राहत नहीं दी है। इससे पहले कोर्ट ने 14 मार्च को तौकीर रजा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का आदेश जारी किया था। इसके बाद पुलिस ने सोमवार को तौकीर रजा के आवास पर छापेमारी की। गौरतलब है कि तौकीर के भड़काऊ बयान के बाद बरेली में दंगे शुरू हो गए थे। सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस कर्मियों पर हमला कर तौकीर फरार हो गया। फैसला सुनाने वाले एडीजे प्रथम फास्ट ट्रैक रवि कुमार दिवाकर ने तौकीर रजा की गिरफ्तारी का आदेश दिया था।
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