समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव से पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने मुलाकात की है। जानकारी के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच राजधानी दिल्ली में मुलाकात हुई है।
ममता बनर्जी और अखिलेश यादव के बीच सियासी रिश्ते रहे हैं। उत्तर प्रदेश में टीएमसी को समाजवादी पार्टी ने भदोही सीट दी थी। दोनों नेताओं के बीच पर्दे के पीछे का कोआर्डिनेशन इतना मजबूत था कि जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को INDIA अलायंस का संयोजक बनाए जाने का फैसला लिया जाना था तब ममता और अखिलेश नहीं गए थे। अभिषेक और अखिलेश की मुलाकात के दौरान राज्यसभा सांसद प्रोफेसर रामगोपाल यादव और राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन भी मौजूद रहे।
अखिलेश ने कहा कि पीडीए की लडाई बहुत बड़ी है। उत्तर प्रदेश में पीडिए की जीत हुई है। एनडीए की यह बहुत बड़ी हार है। मैं जनता को बधाई देता हूं। नेताजी जी रहते तो खुशी की बात होती और कन्नौज की जनता का बधाई देता हूं।
अयोध्या पर बोले सपा प्रमुख
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि ‘अयोध्या की जनता का मैं धन्यवाद देता हूं। आपने समय-समय पर उनका दु:ख दर्द देखा होगा, लोगों को मुआवजा नहीं दिया, अन्याय किया, इसीलिए अयोध्या और आसपास के क्षेत्र में जनता ने बीजेपी के खिलाफ मतदान किया।
विपक्ष की आवाज दब नहीं पाएगी- सपा प्रमुख
सपा के प्रमुख अखिलेश यादव कहते हैं, ‘यह खुशी की बात है कि इस बार विपक्ष मजबूत होगा। इस बार विपक्ष की आवाज दब नहीं पाएगी। कई अहम सवाल जनता के सामने रखे गए हैं, अग्निवीर नौकरियों जिनमें सबसे बड़ा सवाल है। अग्निवीर व्यवस्था को सपा कभी स्वीकार नहीं कर सकती।
उन्होंने आगे कहा, ‘अलग तरीके से चुनाव होते हैं और अलग तरीके से सरकारें बनती हैं। सरकारें संख्या बल से बनती हैं। जिन सीटों पर जीत की उम्मीद कर रहे थे, हम वे सीटें जीत नहीं पाए, इसके कई कारण हो सकते हैं। लेकिन यूपी में कई जगहों पर ऐसा देखने को मिला कि प्रशासन ने जानबूझकर प्रत्याशी को हरवाया। इसका एक उदाहरण फर्रुखाबाद है, वहां पूरा प्रशासन सरकार के लिए काम कर रहा था। इसलिए सरकार संख्या बल से बनेगी।


