उत्तर प्रदेश में भाजपा के लिए कुछ सही नहीं चल रहा है। यहां एक तरफ सरकार और संगठन के बीच तकरार की खबरें आ रहीं तो दूसरी ओर पार्टी के विधायक और नेता अपनी ही सरकार के खिलाफ आवाज उठाते नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में अब बुलंदशहर सदर के भाजपा विधायक प्रदीप चौधरी का नाम जुड़ गया है। बता दें कि प्रदीप चौधरी ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिख कर भ्रष्टाचार में लिप्त सिंचाई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की है।
चिट्ठी में विधायक ने क्या लिखा?
विधायक प्रदीप चौधरी ने बताया, “मेरे द्वारा विधानसभा सत्र के दौरान काली नदी पर अवैध कब्जे व काली नदी की सफाई का प्रश्न तीन बार उठाया गया था। सिंचाई मंत्री जी से मुलाकात कर उन्हें भी इस प्रकरण से अवगत कराया व केन्द्र सरकार को चिट्ठी लिखी। माननीय मुख्यमंत्री जी ने इस प्रकरण का संज्ञान लेकर केन्द्र सरकार से मेरे प्रस्ताव पर 90 करोड़ की राशि आवंटन हुई। जिला समीक्षा बैठक के दौरान माननीय प्रभारी मंत्री, वन एवं प्रर्यावरण एवं जिलाधिकारी के समक्ष पूरा विवरण जोर तौर से रखा। जिलाधिकारी जी ने माननीय मंत्री जी के सामने आश्रासन दिया कि काली नदी पर अवैध कब्ज़ा नहीं है।”

उन्होंने आगे बताया, “इस काली नदी में गंदगी के कारण हर साल किड्नी व कैंसर जैसी गम्भीर बिमारी से लगभग 50 व्यक्तियों की मृत्यु होती है। इसलिए अवैध कब्जे हटना व काली नदी की सफाई होना जनहित में, माननीय मुख्यमंत्री योगी जी की नीति में निहित है। कृप्या करके इसको संज्ञान में लेकर भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने का कृपा करें।
बता दें कि विधायक प्रदीप चौधरी की यह चिट्ठी सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तो सिंचाई विभाग ने काली नदी की जमीन पर अवैध कब्जा नहीं होने की रिपोर्ट सीएम योगी को देकर विधायक प्रदीप चौधरी की इस शिकायत को गलत बता दिया।


