Ghazipur : उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में लखनऊ लॉकर कांड में शामिल 25 हजार रुपये के इनामी विपिन कुमार वर्मा को जमानियां पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले 24 दिसंबर को इसी कांड में शामिल सन्नी दयाल को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। गहमर थाना क्षेत्र के बारा पुलिस चौकी के पास हुए एनकाउंटर में सन्नी दयाल के साथ विपिन कुमार वर्मा भी बाइक पर सवार था, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर विपिन फरार हो गया था। यह गिरोह बिहार का था और बैंक की रेकी करने वाला आरोपी लखनऊ का निवासी था।
गिरोह के सदस्य 23 दिसंबर को चिनहट स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक की दीवार में 2.5 फुट का छेद काटकर अंदर दाखिल हुए थे और 42 लॉकरों से कीमती सामान लूट लिया था। घटना का खुलासा तब हुआ जब एक स्थानीय दुकानदार ने बैंक की दीवार में छेद देखा और अधिकारियों को सूचित किया। पुलिस उपायुक्त (पूर्वी क्षेत्र) शशांक सिंह ने बताया कि गिरोह में सात सदस्य थे, जिनमें छह बिहार के थे और सातवां आरोपी विपिन कुमार वर्मा लखनऊ का निवासी था। विपिन ने बैंक की रेकी की थी और गैंग के अन्य सदस्यों के लिए लखनऊ में व्यवस्था की थी।
बैंक की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां थीं, जिसके कारण गिरोह के लिए बैंक में घुसना आसान हो गया। पुलिस के अनुसार, बैंक में सात सीसीटीवी कैमरों में से केवल दो ही काम कर रहे थे और बैंक में नाइट वॉचमैन भी तैनात नहीं था। इसके अलावा, बैंक की दीवार को आयरन शीट से मजबूती से नहीं ढंका गया था, जिससे गिरोह के लिए दीवार तोड़ना आसान हो गया। चार स्पेशल टीमें अब फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हैं और गिरोह के बड़े नेटवर्क का खुलासा करने के लिए जांच जारी है। पुलिस ने फरार आरोपियों के बारे में सूचना देने वाले को 25,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
इसके अलावा, लखनऊ में इंडियन ओवरसीज बैंक के 42 लॉकर तोड़कर चोरी करने वाले गिरोह के दो और सदस्य सोमवार देर रात पुलिस की मुठभेड़ में मारे गए थे। इस मुठभेड़ में 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश सोबिंद कुमार को गोली लगी, और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसके साथ मौजूद विपिन वर्मा भागने में सफल रहा था। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार किए थे और मुठभेड़ में अन्य आरोपियों को भी पकड़ने की कोशिश जारी है। इन गिरफ्तारियों में एक आरोपी को पैर में गोली लगी, जबकि अन्य फरार आरोपियों के खिलाफ दबिश दी जा रही है।


