IAS Pooja Khedkar : प्रशिक्षु आईएएस पूजा खेडकर को यूपीएससी ने नौकरी से हटा दिया है। वह फिलहाल प्रोबेशन पर थीं, लेकिन स्थायी नियुक्ति से पहले ही उन्हें पद से हटा दिया गया। पूजा खेडकर पर आरोप था कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल की थी। 2022 में यूपीएससी परीक्षा पास करने के बाद उन्हें महाराष्ट्र में ट्रेनी आईएएस के रूप में नियुक्त किया गया था।
अपनी पहली पोस्टिंग में ही पूजा ने अजीब मांगें शुरू कर दी थीं, जिससे विवाद पैदा हुआ और उनका ट्रांसफर पुणे से वाशिम कर दिया गया। इसके बाद यह खुलासा हुआ कि उन्होंने ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर के आरक्षण का लाभ प्राप्त करने के लिए गलत दस्तावेज़ प्रस्तुत किए थे और अपने नाम के साथ-साथ अपने माता-पिता के नाम भी बदल दिए थे, ताकि आरक्षण का फायदा मिल सके और यूपीएससी परीक्षा में अतिरिक्त मौका प्राप्त किया जा सके।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए यूपीएससी ने उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया। पूजा को 25 जुलाई तक नोटिस का जवाब देने का समय दिया गया था, लेकिन उन्होंने 4 अगस्त तक का समय मांग लिया था, यह कहते हुए कि वह इस दौरान आवश्यक दस्तावेज जुटा लेंगी।
उनकी अपील पर यूपीएससी ने उन्हें 30 जुलाई को दोपहर 3:30 बजे तक जवाब देने का अंतिम समय दिया। इस समयसीमा के भीतर जवाब नहीं मिलने पर यूपीएससी ने उन्हें सेवा से बाहर करने का निर्णय लिया। इसके अलावा, अब वह भविष्य में किसी भी यूपीएससी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगी।
ये भी देखें : UP Crime News : घुसपैठियों का सुरक्षित ठिकाना बना ये जिला | Breaking News | Up News |


