Kanpur : कानपुर(Kanpur) में एक मुस्लिम महिला ने शहर काजी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भगवा दुपट्टा पहने मुस्लिम महिला ने पुलिस कमिश्नर से मिलकर अपनी आपबीती सुनाई और जैसे ही उसने अपनी कहानी सुनाई वहां मौजूद पुलिस अधिकारी दंग रह गए। मुस्लिम महिला का आरोप है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद शहर के काजी ने उसे समाज से बहिष्कृत कर दिया है। महिला का दावा है कि काजी ने उसे खाने-पीने पर रोक लगा दी क्योंकि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिली थी। पीड़िता के मुताबिक काजी ने कहा कि वह अब हिंदू है इसलिए उसे शरिया के मुताबिक कोई मदद नहीं मिलेगी। महिला का आरोप है कि काजी ने उसे डंडे मारकर भगाया। मुस्लिम महिला ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष से शिकायत दर्ज कराने का भी दावा किया है। हालांकि अब वह पुलिस के पास न्याय मांगने आई है।
मोहल्ले वाले भी महिला को करते हैं परेशान
यह पूरी घटना कानपुर(Kanpur) के मूलगंज इलाके में सामने आई। वहां रहने वाली अल हिबा हाशमी अपने भाइयों से संपत्ति विवाद में फंसी हुई हैं। महिला का आरोप है कि उसके मोहल्ले के लोग भी उसे सड़कों पर परेशान करते हैं। पीड़िता के मुताबिक शुरुआत में उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलीं और मामले की शिकायत की। पीड़िता का दावा है कि वह अपनी शिकायत लेकर शहर काजी अब्दुल कुद्दूस हाजी के पास गई थी। हालांकि काजी ने कथित तौर पर उनसे कहा कि वह भगवा पहनकर मुख्यमंत्री के पास गई थीं। अब उसे हिंदू माना जाएगा और शरिया के मुताबिक उसे कोई मदद नहीं मिलेगी।
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महिला को डंडा दिखाकर भगाया
महिला का आरोप है कि इसके बाद काजी ने उसे डंडा दिखाकर भगा दिया। यहां तक कि जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष ने भी समर्थन नहीं दिया। पीड़िता के मुताबिक उसने इसकी शिकायत जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी से भी की। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला शहर काजी के संभालने का है और वे ही इससे निपटेंगे। पूरी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी अशोक कुमार सिंह ने कहा कि महिला ने शिकायत दर्ज कराई है। इस मामले में महिला एडीजी अंजिता सिंह जांच कर रही हैं। महिला का अपने भाइयों से कुछ समय से विवाद चल रहा है।


