Lucknow : लखनऊ में मध्यम और एसयूवी कारों की बिक्री में 12 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई है। पिछले तीन महीनों से यह स्थिति बनी हुई है, जिससे कारों की औसतन बिक्री करीब सात हजार से घटकर 6200 से 6300 के बीच रह गई है। इस कमी के कारण ऑटोमोबाइल कंपनियों और डीलरों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
हालांकि वर्तमान में किसी भी कार की एडवांस बुकिंग या कमी की समस्या नहीं है और सभी मॉडल उपलब्ध हैं। बाजार में आई इस गिरावट के पीछे कोई ठोस वजह स्पष्ट नहीं है लेकिन डीलरों का कहना है कि जुलाई और अगस्त में हमेशा से बिक्री में कमी देखने को मिलती है। कोरोना के बाद व्यक्तिगत ट्रांसपोर्ट की मांग बढ़ी थी जिससे कारों की बिक्री में वृद्धि हुई थी और अब त्योहारी सीजन में बाजार में सुधार की उम्मीद है।
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के सदस्य वैभव मिश्रा के अनुसार, गर्मी और बारिश के कारण कारों की बिक्री प्रभावित हुई है जिससे डीलरों के पास कारों का स्टॉक बढ़ गया है। इस समय जिन गाड़ियों पर लंबी वेटिंग होती थी वे भी आसानी से उपलब्ध हैं। इसके बावजूद कंपनियां और डीलर्स बिक्री बढ़ाने के लिए कई मॉडल पर आकर्षक ऑफर दे रहे हैं।
अयोध्या रोड पर ऑटोमोबाइल डीलर सुरेश अग्रवाल ने बताया कि पहले उनके पास मांग के आधार पर 10-15 दिन का स्टॉक होता था, लेकिन अब स्टॉक बढ़कर 25 से 30 दिनों का हो गया है। स्टॉक बढ़ने के बावजूद बिक्री में इजाफा नहीं हो रहा है। लखनऊ आरटीओ में हर महीने 10-12 हजार गाड़ियों का पंजीकरण होता है, जिसमें 3500-4000 निजी चार पहिया गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन शामिल है।
इसमें 10 लाख की कीमत वाली 2500 गाड़ियां, 15 लाख की कीमत की 500 गाड़ियां, 20 लाख की कीमत की 400 गाड़ियां और 25 लाख की कीमत वाली 600 गाड़ियां शामिल हैं। हालांकि बारिश के कारण मोटरसाइकिल, स्कूटर और ई-रिक्शा की बिक्री पर कोई असर नहीं पड़ा है। आरटीओ में हर महीने 6000-6500 दोपहिया, 900 ई-रिक्शा और 300 ई-ऑटो पंजीकृत हो रहे हैं।
सेकेंड हैंड गाड़ियों की बिक्री में वृद्धि भी नई कारों की बिक्री पर असर डाल रही है। कारोबारी मानते हैं कि फर्स्ट टाइम बायर्स के लिए पुरानी कार लेना नई कार से बेहतर हो सकता है क्योंकि पुरानी कार सस्ती होती है और लोन का बोझ भी कम होता है। लखनऊ में कुल 165 अधिकृत वाहन शोरूम हैं, जिनमें 100 दोपहिया और 65 चार पहिया शोरूम शामिल हैं।
डीलरों का कहना है कि बारिश और ऑफ सीजन के कारण कारों की बिक्री में गिरावट आई है। हालांकि उन्हें उम्मीद है कि आगामी सहालग, नवरात्र और धनतेरस जैसे त्योहारों से बिक्री में सुधार होगा।


