Mahakumbh Stampede : प्रयागराज महाकुंभ में हुई भगदड़ की घटना के बाद महोबा जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। एसपी ने जिले के सभी बॉर्डर पर बैरिकेडिंग के निर्देश दिए हैं और महाकुंभ जाने वाले वाहनों को अगले दो दिनों तक रोकने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, महोबा से प्रयागराज के लिए चलने वाली 60 विशेष बसों को भी अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। इस घटना पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी है।
एसपी पलाश बंसल ने विभिन्न बॉर्डरों पर पुलिस बल तैनात कर श्रद्धालुओं को रोकने की अपील की है। प्रशासन यात्रियों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था कर रहा है ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। बॉर्डर और हाईवे पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि कोई भी वाहन बिना अनुमति के आगे न बढ़े।
भगदड़ की घटना के बाद प्रशासन ने महोबा जिले से लगे मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों के वाहनों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। जिले के कैमाहा बॉर्डर, कुम्हरौड़ा बॉर्डर, महोबकंठ बॉर्डर, पनवाड़ी बॉर्डर और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे सहित अन्य स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाकर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
महोबा एसपी पलाश बंसल ने देर रात 3 बजे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि अगले दो दिनों तक प्रयागराज जाने वाले किसी भी वाहन को आगे न जाने दिया जाए। इस दौरान प्रशासन ने यात्रियों के लिए भोजन और ठहरने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की है।
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पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि मौनी अमावस्या के कारण अगले दो दिनों तक महोबा और चित्रकूट के रास्ते प्रयागराज की यात्रा न करें। दो दिन बाद ट्रैफिक को बहाल किया जाएगा। इसके अलावा, किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
श्रद्धालुओं ने इस रोक को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। विशाल, जो अपने परिवार के साथ 1000 किलोमीटर की यात्रा कर रहे थे, ने बताया कि उनकी बस को कैमाहा बॉर्डर पर रोक दिया गया है, जिससे उनकी यात्रा बाधित हो गई है। इसी तरह, मध्य प्रदेश के गुना निवासी मोनू ओझा ने बताया कि 650 किलोमीटर की यात्रा के बाद उन्हें भी रोक दिया गया है, हालांकि प्रशासन ने उनके खाने-पीने की व्यवस्था की है।
विदिशा निवासी रामवती और अशोकनगर के मतीलाल भी महाकुंभ स्नान के लिए निकले थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें भी रोक दिया है। इस बीच, महोबा डिपो की 60 बसों को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है और अगले आदेश तक इन्हें प्रयागराज भेजने की अनुमति नहीं दी गई है।


