Meerut News : मेरठ के विकास को रफ्तार देने के लिए देश की पहली रैपिड रेल बनने जा रही है। गाजियाबाद से सटे मेरठ के मोहिउद्दीनपुर इलाके में राज्य की पहली इंटीग्रेटेड टाउनशिप बनने वाली है। ये टाउनशिप लाखों लोगों के आशियाने का सपना पूरा करेगी। कई बातों को ध्यान में रख कर इंटीग्रेटेड टाउनशिप का निर्माण किया गया है।
सबसे बड़ी बात ये है कि राज्य की इस पहले इंटीग्रेटिड टाउनशिप को दिल्ली मेरठ रैपिड एक्स स्टेशन मेरठ साउथ के नजदीक मोहिउद्दीनपुर के पास बनाया जा रहा है। इसे दिल्ली के लोग भी टाउनशिप का रूख करेंगे, क्योंकि न जाम की टेंशन होगी और न दिल्ली से दूरी की।
ये इंटीग्रेटेड टाउनशिप पर करीब दो हजार करोड़ रूपये खर्च होंगे। इसके लिए शासन ने एक हजार करोड़ रूपये मंजूर कर दिए हैं। दो सौ करोड़ रूपये की पहली किश्त भी जारी कर दिया गया है। बाकी रूपये भी जल्द मिलने की उम्मीद है।
बाकी धनराशि का इंतजाम मेरठ विकास प्राधिकरण पीपीपी मॉडल से करेगा। राज्य की इस पहली इंटीग्रेटेड टाउनशिप में गुरुग्राम, दिल्ली,फरीदाबाद,नोएडा, तक की आबादी को मेरठ लाने की योजना बनाई जा रही है। इसे फेज वन और फेज टू का नाम दिया जाऐगा।
425 किसानों ने 85 हेक्टेयर जमीन की दी सहमति
मेरठ विकास प्राधिकरण जमीन का अधिग्रहण करने के बजाय किसानों से सहमति के आधार पर जमीन खरीद रहा है। अभी तक 425 किसानों ने 85 हेक्टेयर जमीन के लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर भी कर दी हैं। किसानों को सर्किल रेट का 4 गुना भुगतान किया जाएगा। जिन इलाकों की जमीन खरीदी जानी है, वहां के प्रत्येक दिन कई किसान मेरठ विकास प्राधिकरण से सम्पर्क कर रहें हैं और सारी जानकारी भी ले रहे हैं।
मेरठ विकास प्राधिकरण के अफसरों को उम्मीद है कि राज्य (Meerut) की पहली इंटीग्रेटेड टाउनशिप के विकास मेरठ में किसान का भी पूरा सहयोग मिलेगा।
प्रदेश की पहली इंटीग्रेटेड टाउनशिप में क्या होगा खास
रैपिड एक्स के स्टेशन के पास इंटीग्रेटेड टाउनशिप बनने जा रही है। प्रदेश (Meerut) की पहली इंटीग्रेटेड टाउनशिप में क्या खास होगा, यहां क्या क्या सुविधाएं मिलेंगी? इस बारे में हर कोई जानना चाह रहा है। बता दें कि यहां क्या क्या खास होगा? रेजिडेंशियल और कॉमर्शियल लैंड भी होगी। ग्रुप हाउसिंग, वेयर हाउस, आईटी सेक्टर, नेशनल और मल्टीनेशनल कंपनी के बड़े ऑफिस, पब्लिक रिग्रेशन, हाई स्पीड शॉपिंग कॉम्पलैक्स, मॉल, हॉस्पिटल्स की बड़ी चेन, ,इंटरनेशनल कपंनी के आउटलेट्स के साथ ही और भी बहुत कुछ होगा। इसे अंदाजा लगाया जा सकता है कि गुड़गांव की तर्ज पर इसका विकास होगा।


