Mirzapur : उत्तराखंड के उत्तरकाशी में सुरंग में फंसे 41 मजदूरों के सुरक्षित निकाले जाने का पूरे देश को बेसब्री से इंतजार था. 17 दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद बचाव दल ने मंगलवार को सुरंग में फंसे सभी मजदूरों को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया. सुरंग में फंसे लोगों में मिर्जापुर के अदलहाट थाना क्षेत्र के घरवासपुर निवासी अखिलेश कुमार भी शामिल थे। परिजनों से लेकर गांव वालों तक सभी उत्सुकता से अखिलेश कुमार के सामने आने का इंतजार कर रहे थे. हर आंख टीवी पर टिकी थी। उत्तराखंड में सुरंग से सफल रेस्क्यू के बाद अब अखिलेश कुमार के घर पर जश्न मनाया जा रहा है.
मां लगातार कर रही थी प्रार्थनाएं
बुधवार की सुबह से ही अखिलेश कुमार की मां पूजा-अर्चना के लिए जुट गयीं. अखिलेश की मां ने गांव के प्रसिद्ध शिव मंदिर में जाकर आशीर्वाद लिया. उन्होंने कहा, “मेरा बेटा सकुशल लौट आया है, इसके लिए मैंने भगवान से प्रार्थना की है. मंगलवार को मेरा बेटा स्वस्थ होकर लौटा है. आज हम दर्शन के लिए आये हैं.” अखिलेश के पिता ने कहा, “ऐसी खुशी अतुलनीय है. मैं बहुत खुश हूं कि मेरा बेटा उस सुरंग से सही सलामत बाहर आ गया है.” गौरतलब है कि सिल्क्यारा सुरंग उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.
17 दिन टनल में फंसे रहे मजदूर
घटना 17 दिन पहले की है जब 41 मजदूर सुरंग के अंदर फंस गए थे. शुरुआत में सुरंग से मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल किया गया, लेकिन जब ऊपर से मलबा हटाने की कोशिश असफल रही तो देहरादून से लाई गई ऑगर मशीन से सुरंग में ड्रिलिंग शुरू की गई। भारतीय वायु सेना के हरक्यूलिस विमानों की मदद से यूएसए से ऑगर मशीन को साइट पर पहुंचाया गया। बरमा को कटर से काटने के बाद 16वें दिन मैनुअल ड्रिलिंग शुरू की गई और आज 17वें दिन टनल के अंदर मजदूरों तक लाइफलाइन पहुंच गई.


