Moradabad : मुरादाबाद लोकसभा सीट से टिकट कटने पर सपा नेता एसटी हसन ने प्रतिक्रिया दी है। हसन ने कहा कि अखिलेश यादव ने उन्हें आश्वासन दिया था और मुझे उम्मीदवार बनाने की बात कही थी। उनके निर्देशानुसार मैंने नामांकन भी दाखिल कर दिया था लेकिन तभी मुझे पता चला कि नामांकन फॉर्म किसी और महिला ने भरा है।
इस मामले में साफ है कि किसी दबाव में आकर अखिलेश यादव ने मुझे मेरा टिकट रद्द करने का पत्र दिया और मेरी जगह उन्हें (रुचि वीरा को) अधिकृत किया। जब उनसे पूछा गया कि आखिर ऐसा क्या दबाव था कि अखिलेश ने आखिरी वक्त पर आपका टिकट काट दिया? इस सवाल के जवाब में एसटी हसन ने कहा कि जरूर कोई दबाव होगा।
मीडिया में भी कई तरह की खबरें हैं। हालाँकि, जब तक इसकी पुष्टि नहीं हो जाती मैं कुछ नहीं कह सकता। क्या टिकट कटने से दुख होता है? इसके जवाब में हसन ने कहा कि या तो मुझे टिकट नहीं मिलाता या मिला तो काटा नहीं जाता। मैं भी इंसान हूं। मैं भी अपमानित महसूस कर रहा हूं। बस दिल को तसल्ली देने के लिए इतना कह सकता हूं शायद राष्ट्रीय अध्यक्ष की कोई मजबूरी थी।
क्या जेल में आजम खान से मुलाकात के बाद ही अखिलेश ने बदल लिया अपना गेम? इस सवाल के जवाब में एसटी हसन ने कहा कि ऐसी खबरें मीडिया में हैं और हम भी जानते हैं कि ऐसा हुआ है। अगर ऐसा हुआ तो 2019 में आजम खान ने मुझे टिकट दिया था, मैं उनका आभारी हूं। अब उन्होंने टिकट कैंसिल करा लिया तो मामला सुलझ गया। पार्टी को नुकसान हुआ तो नाराजगी होगी।
मुरादाबाद से सपा प्रत्याशी रुचि वीरा के विरोध का जिक्र करते हुए एसटी हसन ने आगे कहा कि मैं समाजवादी पार्टी का कार्यकर्ता हूं और उसके लिए ही काम करूंगा। लेकिन मुझे मजबूर किया गया है कि मैं मुरादाबाद में समाजवादी पार्टी के साथ प्रचार न करूं। एसटी हसन- इसका कारण ये है कि लोग नाराज हो गए हैं। लोग मेरे लिए रोजे करते रहे, दुआएं करते रहे, ऐसे में अगर मैं उस उम्मीदवार के साथ खड़ा होऊंगा तो लोगों के दिल टूट जाएंगे।
टिकट कटने के बाद क्या आपकी अखिलेश से बात हुई? इसके जवाब में हसन ने कहा कि जब उन्होंने मुझे टिकट दिया तो उन्होंने मुझे आश्वासन दिया कि आप चुनाव लड़ेंगे लेकिन यहां कोई बाहरी व्यक्ति है जिसके कारण मुझे वह चीज समय पर नहीं मिल सकी। पत्र (नामांकन फॉर्म) 3:02 बजे आये तब तक समय समाप्त हो चुका था। एसटी हसन ने कहा कि नामांकन फॉर्म आया था, लेकिन उसे हाईजैक कर लिया गया।
हसन के मुताबिक यहां बी फॉर्म किसी बाहरी व्यक्ति ने हाईजैक कर लिया था। लखनऊ से हमारे नेता भी आए थे। इस तरह समय बर्बाद हुआ। जब मुझे फॉर्म मिला तो वह बेकार था। समय खत्म हो चुका था। एसटी हसन ने आगे कहा कि मैं लोगों से भावनात्मक तौर पर जुड़ा हूं। मैं हिंदू-मुस्लिम सबके साथ हूं। मैं अपने दुश्मन को भी कभी मना नहीं करता। मैं बीजेपी के लोगों के साथ भी काम करता हूं।
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