Mukhtar Ansari : उत्तर प्रदेश का कुख्यात माफिया मुख्तार अंसारी तो अब नहीं रहा लेकिन उसके जाने के सालों बाद भी अगर कुछ रह जाएगा तो उसका रसूख उसकी मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जो कि हमेशा होती रहेंगी। कभी किसी पनवाड़ी के दुकान पर तो कभी चाय पर लोग बरसों बाद भी मुख्तार और उसके दबदबे की बात करेंगे, याद किया जाएगा कैसे एक राजनीतिक रसूख वाले परिवार से नाता रखने वाले मुख्तार ने अपराध और जरायम की दुनिया में हाथ आजमाने का सोचा और देखते ही देखते पूर्वांचल में खौफ और डर का पर्याय बन गया। मुख्तार का रुतबा ऐसा कि जेल में उसके लिए अलग से एक बैडमिंटन कौर्ट की व्यवस्था करवाई गई। डर इतना कि जिले के आला अफसर और अधिकारी उसके साथ जेल के अंदर ही बैडमिंटन खेला करते थे।
पूर्व सीएम अखिलेश यादव से ऐसे थे मुख्तार के रिश्ते
ये सब तो हो गया मुख्तार की रसूख और रुतबे की चर्चा, चलिए अब बढ़ते हैं माफिया (Mukhtar Ansari) के रिश्तों की तरफ। आखिर कैसे थे मुख्तार के यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव से रिश्ते। मुख्तार के जीवित रहते हुए भी दबे छुपे स्वर में लोग अखिलेश, मुलायम और मुख्तार के अच्छे तालुक्कात होने का जिक्र करते थे। हालांकि कुछ साल पहले जब माफिया मुख्तार ने समाजवादी पार्टी को चुना और उसमें शामिल होने के लिए पूरी कोशिश की तो वो अखिलेश ही थे जिन्होंने उसका पुरजोर विरोध किया था। समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश ने तब तक खुले तौर माफियाओं का समर्थन करना बंद कर दिया था और उन्हें अपनी और अपने पार्टी की छवि की चिंता होने लगी थी। यही वजह रही कि पूर्व सीएम अखिलेश ने मुख्तार को पार्टी का सदस्य बनाए जाने का विरोध किया।
पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव का चहेता था मुख्तार
मुख्तार अंसारी पुत्र सुभानुल्लाह अंसारी जिनका भतीजा था वो देश के लगातार दो बार उप-राष्ट्रपति रहे। जी हां हम बात कर रहे हैं 2007 से लेकर 2017 तक देश के वाइस प्रेसिडेंट हामिद अंसारी की। अब जब हामिद अंसारी का जिक्र आया ही है तो चलिए आपको वो किस्सा भी सुनाते हैं जो इतना चर्चित तो नहीं पर दिलचस्प जरूर है। यूपी की राजनीतिक गलियारों में सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज चुकी थी। हामिद अंसरी को भी डर सता रहा था कि अगर सूबे में सत्ता बदली तो भतीजे के जीवन तक पर भी संकट आ सकता है। इसी को लेकर वो मुलायम से चर्चा कर रहे थे और मुख्तार को लेकर उस समय मुलायम ने कहा था कि हामिद जी अब आप चिंता नहीं करिए मुख्तार अब हमारी अमानत है और हम ये सुनिश्चित करेंगे कि वो पूरी तरह से महफूज रहे।
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