Mukhtar Ansari : पिछले तीन दिनों से जेल में बंद माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की तबीयत खराब है। गुरुवार की रात उनकी हालत एक बार फिर अचानक बिगड़ गई। सूचना मिलने पर जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल, डीएम अंकुर अग्रवाल समेत कई थानों का पुलिस बल जिला कारागार पहुंच गया। अधिकारी करीब 40 मिनट तक जेल के अंदर रहे। इसके बाद मुख्तार को एंबुलेंस के जरिए दोबारा रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। चिंता जताई जा रही है कि मुख्तार को दिल का दौरा पड़ा होगा।
गौरतलब है कि दो दिन पहले 26 मार्च को मुख्तार ने जेल प्रशासन से पेट दर्द की शिकायत की थी। उन्हें तुरंत मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें अधिक खाने और कब्ज का इलाज किया और उसी दिन 14 घंटे के बाद उन्हें वापस केंद्रीय जेल भेज दिया। हालांकि, गुरुवार शाम करीब साढ़े सात बजे मुख्तार की तबीयत अचानक खराब हो गई, जिसके बाद प्रशासन को उन्हें दोबारा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराना पड़ा।
मुख्तार के स्थानीय वकील, नसीम हैदर ने संभावित दिल के दौरे के बारे में चिंताओं का खुलासा किया। प्रशासन उन्हें मुख्तार से मिलने नहीं दे रहा है। मुख्तार का परिवार लखनऊ से बांदा के लिए रवाना हो चुका है। इस बीच स्थिति और बिगड़ने की आशंका के चलते जिले भर के पुलिस बलों को अलर्ट पर रखा गया है। जेल के अंदर भी पुलिस बल तैनात हैं। डीएम और एसपी देर रात तक मेडिकल कॉलेज में मौजूद रहकर मुख्तार की हालत पर नजर रखे हुए थे।
दो दिन पहले मेडिकल कॉलेज से लौटने के बाद से, मुख्तार ने बुधवार तक लगभग कुछ भी नहीं खाया था, केवल कुछ फल खाए थे। जेल सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार दोपहर मुख्तार की तबीयत फिर बिगड़ने लगी। सूचना मिलने पर जिला अस्पताल से तीन डॉक्टरों की टीम उनकी जांच करने पहुंची। गुरुवार रात तक मुख्तार ने थोड़ा सा दलिया ही खाया था।
रात करीब आठ बजे जैसे ही प्रशासनिक अधिकारी मुख्तार को मेडिकल कॉलेज ले जाने के लिए एंबुलेंस लेकर पहुंचे, वहां भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। डीएम और एसपी भी डॉक्टरों की टीम के साथ मेडिकल कॉलेज परिसर में दाखिल हुए। जैसे-जैसे समय बीतता गया, मुख्तार की चर्चाएं न सिर्फ जिले में बल्कि पूरे प्रदेश में फैलने लगीं और फोर्स की तैनाती बढ़ती गई। आधी रात तक भी अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किये जा रहे थे। इसके बावजूद मुख्तार के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। डीएम और एसपी पिछले एक घंटे से मेडिकल कॉलेज के अंदर हैं और कोई डॉक्टर बाहर नहीं आ रहे हैं। बाहर इंतजार कर रहे लोग मुख्तार के रिश्तेदारों के आने की आशंका जता रहे हैं।


