Rampur : उत्तर प्रदेश के रामपुर (Rampur) के मिलक क्षेत्र में अंबेडकर प्रतिमा स्थापित करने को लेकर हुए विवाद के बीच दलित छात्र की गोली लगने से मौत के मामले में थाना प्रभारी और चार पुलिसकर्मियों समेत 25 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसमें तीन सिपाही, एसडीएम और तहसीलदार समेत 19 ग्रामीण शामिल हैं। जिलाधिकारी ने मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश देते हुए प्रभावित परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। तनाव के चलते गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
इस बीच भीम आर्मी चीफ चन्द्रशेखर ने भी गांव का दौरा किया और प्रभावित परिवार को ढांढस बंधाया। कोतवाली क्षेत्र के सिलईबाड़ा गांव में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर गंगवार और जाटव समुदाय के कुछ लोगों के बीच विवाद चल रहा था। 15 दिन पहले प्रशासन ने अवैध कब्जा हटवाया था। करीब 10 दिन पहले संबंधित जमीन पर डॉ. अंबेडकर का बोर्ड लगा दिया गया। इसकी शिकायत गंगवार समुदाय के कुछ लोगों ने की। इस शिकायत के आधार पर राजस्व विभाग की एक टीम मंगलवार को अंबेडकर बोर्ड और अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए मौके पर पहुंची। शाम को टीम ने अतिक्रमण हटाने का प्रयास किया तो पथराव हो गया।
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आरोप है कि इसी दौरान पुलिस ने गोली चला दी, जिसमें गेंदन लाल के 17 वर्षीय बेटे सोमेश की मौत हो गई जबकि रहीश पाल और रमन घायल हो गए। इससे मामला और बिगड़ गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आठ घंटे तक पुलिस को छात्र का शव उठाने से मना कर दिया। देर रात मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार और डीआईजी मुनिराज जी भी मौके पर पहुंचे और कार्रवाई करने का जाटव समाज को आश्वासन दिया। कमिश्नर ने भी प्रभावित पक्ष से फोन पर बातचीत के दौरान कार्रवाई का आश्वासन दिया। करीब छह घंटे बाद कड़ी सुरक्षा के बीच परिजनों को समझाकर अंतिम संस्कार किया गया।
इस बीच भीम आर्मी प्रमुख चन्द्रशेखर के आने की सूचना मिलने पर जिले की सीमा सील कर दी गई लेकिन फिर भी वह गांव पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। सिलईबड़ा गांव में हुए बवाल के बाद मृतक छात्र सोमेश के पिता ने तहरीर दी। इसके बाद पुलिस ने सिलईबड़ा गांव चौकी प्रभारी सुरेंद्र सिंह, सिपाही आदेश चौहान, सिपाही वीरेंद्र, सिपाही मुमतीरीन, उपजिलाधिकारी मिलक के होमगार्ड हमराह, तहसीलदार मिलक के होमगार्ड हमराह के अलावा ग्रामीण नत्थू, हेमराज, निर्वेश कुमार, झंजन लाल, तीरथ सिंह, जहोरी लाल, दिनेश कुमार, नौबतराम, हरनेन्दन, रामप्रकाश, ऊदल, लाल सिंह, बद्ररी प्रसाद, चरन सिंह, रविंद्र कुमार, राजेंद्र, भूपराम, नरेंद्र, कपिल के नाम शामिल हैं।
सिलाइबाड़ा गांव मामले में छह धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। धारा 147, 148, 149, 323, 302 और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम। जिलाधिकारी जोगिंदर सिंह ने कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रभावित परिवार से संपर्क किया गया है और वे काफी गरीब हैं। प्रशासन की ओर से स्थानीय स्तर पर जो भी मदद हो सकेगी वह तत्काल की जायेगी। इसको लेकर अधिकारियों को आदेश भी दे दिए गए हैं। परिवार को सरकारी स्तर से भी सहायता उपलब्ध करायी जायेगी। मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


