Sambhal : संभल हिंसा के आरोपियों से समाजवादी पार्टी के नेताओं की मुरादाबाद जेल में बिना पर्ची मुलाकात पर शासन ने कड़ा कदम उठाया है। इस मामले में मुरादाबाद जेल के जेलर और डिप्टी जेलर को निलंबित कर दिया गया है, जबकि जेल अधीक्षक के निलंबन की सिफारिश की गई है। सपा के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जिला जेल में हिंसा के आरोपियों से मुलाकात की थी।
नियमों के उल्लंघन का आरोप
आरोप है कि सपा नेताओं की मुलाकात में जेल मैनुअल का उल्लंघन किया गया। यह मुलाकात बिना पर्ची के कराई गई, जिसे लेकर शासन ने जांच के आदेश दिए। जांच के दौरान जेल के सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की गई और यह देखा गया कि प्रक्रिया का पालन हुआ या नहीं। जांच के बाद जेलर और डिप्टी जेलर पर कार्रवाई हुई, जबकि जेल अधीक्षक को भी निलंबित करने की अनुशंसा की गई है।
सपा नेताओं का आरोप
जेल से बाहर आने के बाद सपा के पूर्व सांसद डॉक्टर एसटी हसन ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बेगुनाह लोगों पर झूठे मामले दर्ज किए और उन्हें जेल भेजा। उन्होंने कहा कि बंदियों पर पुलिस ने बर्बरता की, जिसके निशान उनके शरीर पर साफ देखे जा सकते हैं। उन्होंने जेल में बंद लोगों का दर्द सुनने और उनके चोट के निशान देखने की बात कही। एसटी हसन ने यह भी कहा कि सपा इन बंदियों को कानूनी सहायता प्रदान करेगी।
सपा का समर्थन और नेताओं का बयान
सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने भी एक्स (ट्विटर) पर बयान जारी कर बंदियों को निर्दोष बताया। उन्होंने पुलिस पर अत्याचार के गंभीर आरोप लगाए। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व सांसद डॉक्टर एसटी हसन, ठाकुरद्वारा विधायक नवाब जान खान, नौगांव सादात विधायक चौधरी समरपाल सिंह, जिला महासचिव मुदस्सिर खान, पूर्व जिला अध्यक्ष अतहर हुसैन अंसारी और प्रदेश सचिव गुलजार अहमद शामिल थे।


