Sambhal : कार्तिकेश्वर महादेव मंदिर को जनता के लिए खोले जाने के बाद से संभल में मंदिरों के अवशेष और कुओं की खोज लगातार जारी है। ताजा जानकारी के अनुसार, गुरुवार को खुदाई के दौरान जामा मस्जिद से करीब 300-400 मीटर की दूरी पर एक और कुंआ मिला। यह कुंआ सरथल चौकी इलाके में हिंदू आबादी के बीच स्थित है।
मौके पर नगर पालिका की टीम कूप के ऊपर से मिट्टी हटाने का काम कर रही है। मिट्टी हटाने के बाद कूप की खुदाई शुरू होगी। स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि मलबे के नीचे मंदिर के अवशेष हो सकते हैं। कुछ लोगों का कहना है कि मंदिर के कुछ निशान पहले से ही नजर आ रहे हैं।
स्थानीय निवासियों ने इस कुएं को ऐतिहासिक बताया है। एक व्यक्ति ने कहा कि प्राचीन काल में लोग इस कूप में स्नान करने के बाद हरिहर मंदिर में पूजा के लिए जाते थे। उनका यह भी दावा है कि इस कूप का वर्णन पुराणों में भी मिलता है। 20 साल पहले इस कूप में पानी हुआ करता था और इसके पास मृत्युंजय महादेव मंदिर भी स्थित था।
नगर पालिका परिषद के कार्यकारी अधिकारी डॉ. मणि भूषण तिवारी ने कहा कि ‘मृत्युकूप’ की खुदाई हमारी विरासत को संरक्षित करने का प्रयास है। अब तक अधिकतर कुओं की पहचान हो चुकी है और खुदाई जारी है। अगर कोई धार्मिक स्थल मिलता है तो उसका संरक्षण किया जाएगा।
संभल में इससे पहले पुराने मंदिर और ‘बावली’ भी मिले हैं। 14 दिसंबर को अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान एक मंदिर खोजा गया, जिसे 1978 से बंद बताया गया था। 22 दिसंबर को चंदौसी में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने एक प्राचीन बावड़ी का पता लगाया। यह बावड़ी संगमरमर और ईंटों से बनी है और बिलारी के राजा के दादा के समय की बताई जाती है।


