UP By Elections 2024 : विधानसभा उपचुनावों के संदर्भ में समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच गठबंधन की स्थिति गंभीर संकट में है। मध्य प्रदेश और हरियाणा में सीटों की संख्या न मिलने के कारण सपा यूपी में कांग्रेस के साथ साझेदारी के लिए तैयार नहीं दिख रही है। पार्टी के कुछ रणनीतिकारों का मानना है कि कांग्रेस के साथ गठबंधन का दूरगामी परिणाम सपा के हित में नहीं होगा।
यूपी में 10 विधानसभा सीटों करहल, सीसामऊ, मिल्कीपुर, कटेहरी, कुंदरकी, खैर, गाजियाबाद, फूलपुर, मझवां, और मीरापुर पर उपचुनाव होने जा रहे हैं। कांग्रेस इनमें से पांच सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त कर चुकी है और इस संबंध में उसने सपा नेतृत्व के सामने प्रस्ताव भी रखा है।
सपा की स्थिति
सपा ने हाल ही में हरियाणा विधानसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन के तहत कांग्रेस से दो सीटें मांगी थीं, लेकिन कांग्रेस की हरियाणा इकाई ने कोई भी सीट देने से इनकार कर दिया। इस मुद्दे पर कई बार उच्च नेतृत्व से बातचीत की गई, लेकिन स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया। इससे पहले, मध्य प्रदेश में भी यही स्थिति बनी रही। सपा के सूत्रों के अनुसार, जब कांग्रेस अपने प्रभाव वाले राज्यों में सपा के साथ सहयोग के लिए तैयार नहीं है, तो यूपी में उसका जनाधार भी संदिग्ध है।
पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को केवल दो सीटें मिली थीं, और अधिकांश सीटों पर उसे हार का सामना करना पड़ा था। इसलिए, सपा नेतृत्व ने चुनावी तैयारियों के लिए सभी 10 जिलों में अपने संगठन को सक्रिय रहने का निर्देश दिया है।
संभावनाओं का आकलन
क्या सपा नेतृत्व चुनाव के समय कांग्रेस को कुछ सीटें देने के लिए तैयार हो सकता है? इस सवाल पर, अखिलेश यादव के एक करीबी सहयोगी का कहना है कि इसकी संभावना न के बराबर है। उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यूपी में सपा और कांग्रेस का अलग-अलग चुनाव लड़ना, सपा के लिए अधिक फायदेमंद साबित हो सकता है।
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