UP News : माफिया मुख्तार अंसारी के विधायक बेटे अब्बास अंसारी को शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने अब्बास अंसारी, उनके मामा आतिफ रजा उर्फ सरजील रजा और करीबी अफरोज की जमानत अर्जी मंजूर कर दी है, जो जान से मारने की धमकी देकर एक व्यक्ति की जमीन अपने नाम कराने के मामले में फंसे हुए थे।
न्यायमूर्ति राजबीर सिंह ने यह फैसला सुनाया। हाईकोर्ट ने जमानत अर्जियों पर अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय और सरकारी वकील की दलीलें सुनने के बाद एक अगस्त को फैसला सुरक्षित रख लिया था। हालांकि, अब्बास अंसारी इस राहत (UP News) के बावजूद जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे, क्योंकि उनके खिलाफ ईडी के एक मामले की याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
गाजीपुर की शहर कोतवाली में अबू फखर खां ने 12 अगस्त 2023 को मुख्तार अंसारी, उसकी पत्नी अफशां अंसारी, विधायक बेटे अब्बास अंसारी, साले आतिफ रजा और करीबी अफरोज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर में इन पर ठगी, रंगदारी, जान से मारने की धमकी देने, जमीन और पैसे हड़पने, और साजिश रचने के आरोप लगे थे।
आरोप है कि होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के सामने अबू फखर खां की जमीन को मुख्तार अंसारी ने 2012 में अपने दोनों साले के माध्यम से जबरन अबू फखर खां को लखनऊ जेल बुलवाकर अब्बास अंसारी के नाम करने का दबाव डाला। इसके बाद जमीन न बेचने पर जान से मारने की धमकी दी और सर्किल रेट के आधार पर 20 लाख का चेक और चार लाख नकद देकर बैनामा करवा लिया।
इस दौरान अफरोज, आतिफ रजा और अनवर शहजाद ने फखर को अब्बास अंसारी के पास ले जाकर धमकाया और चेक पर साइन करवा लिया। बाद में बैंक से पैसे निकाल लिए और जमीन हड़प ली। एफआईआर के मुताबिक, इस घटना में मुख्तार अंसारी की पत्नी अफशा अंसारी भी शामिल थी। आतिफ रजा उर्फ सरजील वर्तमान में लखनऊ जेल में बंद है। इस मामले में मुख्तार अंसारी के बड़े साले अनवर शहजाद की पहले ही जमानत मंजूर हो चुकी है, जबकि अब्बास अंसारी कासगंज जेल में बंद हैं।


