UP News : समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) में क्रीमी लेयर के प्रावधान को लेकर सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणी पर बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश का यह बयान मोदी सरकार द्वारा जारी किए गए उस फैसले के संदर्भ में आया है जिसमें केंद्र ने स्पष्ट किया कि संविधान में एससी-एसटी वर्ग के लिए क्रीमी लेयर का कोई प्रावधान नहीं है।
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अखिलेश ने लगाया बीजेपी पर अरोप
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट करते हुए बीजेपी की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा की विश्वसनीयता शून्य हो चुकी है। बीजेपी सरकार हर बार गोलमोल बयानों और मुकदमों के माध्यम से आरक्षण की लड़ाई को कमजोर करने की कोशिश करती है।
अखिलेश यादव ने आगे लिखा कि, “किसी भी प्रकार के आरक्षण का मूल उद्देश्य उपेक्षित समाज का सशक्तीकरण होना चाहिए, न कि उस समाज का विभाजन या विघटन। इससे आरक्षण के मूल सिद्धांत की ही अवहेलना होती है। अनगिनत पीढ़ियों से चले आ रहे भेदभाव और मौकों की गैर-बराबरी की खाई चंद पीढ़ियों में आए परिवर्तनों से पाटी नहीं जा सकती। ‘आरक्षण’ शोषित, वंचित समाज को सशक्त और सबल करने का संविधानिक मार्ग है।”
अखिलेश यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि, “पीडीए के लिए संविधान संजीवनी है, तो आरक्षण प्राणवायु।” उनके इस बयान से स्पष्ट होता है कि वह आरक्षण के मूल सिद्धांतों को बदलने के खिलाफ हैं और मानते हैं कि इसके प्रावधानों को बनाए रखना महत्वपूर्ण है।


