UP News : मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव ने हाल ही में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग के उपाध्यक्ष पद का कार्यभार संभाल लिया है। इस पद की नियुक्ति के बाद से अटकलें लगाई जा रही थीं कि अपर्णा इस भूमिका से संतुष्ट नहीं हैं। कई दिनों तक उन्होंने नई जिम्मेदारी के बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी लेकिन गृहमंत्री अमित शाह से फोन पर बात करने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद उन्होंने उपाध्यक्ष के पद को स्वीकार कर लिया है।
नई जिम्मेदारी संभालने के बाद अपर्णा यादव ने कहा कि वह महिला सशक्तिकरण के लिए काम करने के लिए तैयार हैं और इस पद से खुश हैं। उन्होंने बीजेपी से नाराजगी की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी कोई नाराजगी नहीं है। अपर्णा ने बताया कि वह अब तक महिलाओं के मुद्दों पर काम करती रही हैं और अब पूरी तरह से इस भूमिका में जुटेंगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की सराहना करते हुए अपर्णा ने कहा कि महिला आयोग में शामिल होने के लिए उन्हें पूरे परिवार का आशीर्वाद मिला है, और यहां तक कि अखिलेश यादव ने भी उन्हें बधाई दी है। अपर्णा यादव को पिछले सप्ताह राज्य महिला आयोग के उपाध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया था लेकिन उन्होंने तुरंत इस पद का कार्यभार नहीं संभाला था।
इस वजह से अफवाहें फैलीं कि वे इस पद से खुश नहीं हैं और शायद बीजेपी छोड़कर परिवार की पार्टी में लौटेंगी। हालांकि अपर्णा ने अपने पति प्रतीक यादव के साथ लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की जिससे ये अफवाहें समाप्त हो गईं। तीन सितंबर को राज्यपाल की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार आगरा की बबीता चौहान को यूपी राज्य महिला आयोग का अध्यक्ष और अपर्णा यादव को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
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इसके अलावा, गोरखपुर की चारू चौधरी को भी उपाध्यक्ष बनाया गया। महिला आयोग में 25 सदस्य भी शामिल किए गए हैं। अपर्णा यादव को छोड़कर सभी अन्य पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और अब अपर्णा भी इस भूमिका में शामिल हो रही हैं। अपर्णा यादव उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे प्रतीक यादव की पत्नी हैं।
अखिलेश यादव ने 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में अपर्णा यादव को समाजवादी पार्टी के टिकट पर लखनऊ कैंट से मैदान में उतारा था, लेकिन वे बीजेपी की रीता बहुगुणा जोशी के हाथों हार गईं थीं। अपर्णा यादव ने 2022 में बीजेपी जॉइन की थी और उस समय उम्मीद की जा रही थी कि पार्टी उन्हें चुनाव लड़वाएगी, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला।
इसके बाद भी उन्हें कई बार जिम्मेदारी मिलने की अटकलें लगती रही, जैसे विधान परिषद या राज्यसभा में, लेकिन वे खाली हाथ ही रहीं। इस साल के लोकसभा चुनावों में भी उन्हें किसी सीट से उम्मीदवार बनाए जाने की अफवाहें थीं, जो समय के साथ खत्म हो गईं। बीते ढाई सालों में बीजेपी संगठन में अपर्णा को कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं मिली है।


