UP News : योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पीसीएस अधिकारियों से उनकी चल-अचल संपत्तियों का विवरण मांगा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो अधिकारी यह विवरण नहीं देंगे, उन्हें पदोन्नति से वंचित कर दिया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य अधिकारियों की संपत्ति की अद्यतन जानकारी हासिल करना और पारदर्शिता को बढ़ावा देना है।
प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक एम. देवराज ने सभी पीसीएस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपनी चल-अचल संपत्तियों का विवरण स्पैरो पोर्टल पर 31 जनवरी 2025 तक ऑनलाइन जमा करें। इसमें अधिकारियों और उनके परिवार के सदस्यों के नाम, संपत्ति की जानकारी और अन्य आवश्यक विवरण शामिल होंगे। यह कदम प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया है।
सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि जो अधिकारी निर्धारित समय तक अपनी संपत्ति (UP News) का विवरण जमा नहीं करेंगे, उन्हें पदोन्नति का लाभ नहीं दिया जाएगा। इस निर्देश को भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा बताया गया है, जिससे अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सके।
गौरतलब है कि इससे पहले अगस्त में राज्य सरकार ने कर्मचारियों और अधिकारियों को अपनी चल-अचल संपत्तियों का ब्यौरा देने के लिए कहा था। उस आदेश में स्पष्ट किया गया था कि संपत्ति का विवरण न देने वाले कर्मचारियों की वेतन रोकी जाएगी। वर्तमान आदेश इसी अभियान को आगे बढ़ाने का हिस्सा है।


