UP News : मुख्तार की मौत के बाद से सभी विपक्ष दलों ने राज्य सरकार पर निशाना साधा था। विपक्ष नेता यह सवाल उठा रहें हैं कि मुख्तार को जेल में जहर देकर मारा गया है। वहीं सपा, कांग्रेस,बसपा,आरजेडी समेत कई और विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर मुख्तार की मौत के बाद से जमकर निशाना साधा था। सियासी हलचल तब मच गई जब सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव खुद मुख्तार के परिजनों से मिलने उसके पैतृक निवास गाजीपुर पहुंचे थे। उन्होंने वहां पहुंचकर सीधा राज्य सरकार पर निशाना साधा था।
सीएम आदित्यनाथ योगी ने विपक्ष के इन आरोपों पर पहली बार अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की। सीएम योगी ने एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान कहा कि मरना तो उसको था ही, जिसनें सैकड़ों लोगों की जान ली वो कब तक बचा फिरेगा। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के लोग तो उसके साथ थे ही, माफिया के मातम पर उसके घर जाकर लोगों से मिल-मिलाप कर रहे है। सीएम योगी ने यह भी कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) ने कोई संवेदना व्यक्त नहीं किया था। हालांकि माफिया के मरने पर उसके घर जा रहे है। यही फर्क है इन लोगों में और देश इसे बिलकुल बर्दाश्त नहीं करेगा।
कैसे हुई माफिया मुख्तार अंसारी की मौत
बता दें कि माफिया मुख्तार अंसारी की 28 मार्च की शाम मौत हो गई थी। करीब तीन साल बांदा जेल में बंद रहे थे। उसकी हालत बिगड़ने पर रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में भर्ती भी कराया गया था और 29 मार्च को उसकी मौत की न्यायिक और मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश हुआ। सियासी हलचल उसकी मौत के बाद से और भी बढ़ गई है। क्योंकि मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी गाजीपुर से समाजवादी पार्टी (सपा) के टिकट पर चुनावी मैदान में है। पूर्वांचल की इस सीट पर सबकी निगाहें टिकी हुई है।


