UP Politics : इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर इस वक्त तीखी राजनीतिक बहस चल रही है। विपक्षी पार्टियां इस मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी की जमकर आलोचना कर रही हैं खासकर लोकसभा चुनाव करीब आने के साथ ही वे चुनावी बॉन्ड के मुद्दे पर बीजेपी को घेरना चाहते हैं और इस मुद्दे को जनता (UP Politics) के सामने लाना चाहती हैं। इस संबंध में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी बयान दिया है। चुनावी बॉन्ड को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधा है और मोदी सरकार पर तीखे सियासी हमले किये हैं।
बीजेपी पर सियासी हमला बोलते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने चुनावी बॉन्ड को बीजेपी के उत्पीड़न और आम लोगों के दमन की गारंटी करार दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा को प्राप्त धन दान नहीं बल्कि प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा की गई जबरन वसूली है। मीडिया से बात करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी पैसे के दम पर सामाजिक सौहार्द को खत्म करना चाहती है। ये बीजेपी की गारंटी है। बीजेपी ऐसा कुछ नहीं करती जिस पर जनता भरोसा कर सके। इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड बीजेपी के आम लोगों के उत्पीड़न और शोषण की गारंटी है।
इसके साथ बीजेपी काले धन को सफेद करने की गारंटी लेकर आई है। इलेक्टोरल बॉन्ड बीजेपी के आम जनता के शोषण की गारंटी है। जनता और चुनाव को महंगा बना रही है। बीजेपी पर सियासी हमला बोलते हुए अखिलेश यादव ने आगे कहा कि बीजेपी सरकार अनुसूचित जाति के अधिकारों को आरक्षित करने के लिए सरकारी नौकरियां खत्म कर रही है. हम कहते हैं बीजेपी हटाओ और नौकरी पाओ। इसके साथ ही सपा मुखिया ने कहा कि जनता की जेब ढीली हो रही है और भाजपा का खजाना भर रहा है। बीजेपी ने कहा था कि न खाएंगे, न खाने देंगे, लेकिन ये तो नहीं कहा कि रोटी भी नहीं खाएंगे।


