UP Politics : उत्तर प्रदेश के संभल में हुए दंगे और उसके बाद की राजनीतिक बयानबाजी ने प्रदेश में सियासी पारा बढ़ा दिया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के संभल हिंसा के बाद वहां जाने से रोके जाने के आरोपों पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने तीखा (UP Politics) पलटवार किया।
डिप्टी सीएम का बयान:
- उपचुनाव में हार का असर:
- केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उपचुनाव में करारी हार के बाद सपा प्रमुख “बौखला गए हैं।”
- उन्होंने कहा कि सपा का वोट बैंक खिसक चुका है, जिससे अखिलेश यादव “निराधार आरोप” लगा रहे हैं।
- संभल हिंसा और सपा का कनेक्शन:
- मौर्य ने दावा किया कि संभल दंगे में सपा नेताओं की भूमिका सामने आ रही है।
- उन्होंने कहा, “अखिलेश यादव को यह बताना चाहिए कि उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का दंगे से क्या कनेक्शन है?”
- सपा पर गुंडागर्दी के आरोप:
- डिप्टी सीएम ने सपा के चरित्र को “गुंडई और दबंगई पर आधारित” बताया।
- उन्होंने कहा, “लूट और दंगा फैलाने का ठेका अखिलेश यादव के पास है।”
- सपा को “समाप्तवादी पार्टी” करार देते हुए उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने के सपने पूरे नहीं होंगे।
- सरकार की कार्रवाई:
- मौर्य ने कहा कि संभल में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन को पूरी छूट दी गई है।
- उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अराजकता फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करेगी।
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राहुल और प्रियंका गांधी (UP Politics) पर निशाना:
- मौर्य ने कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को भी आड़े हाथों लिया।
- राहुल गांधी को “झूठ बोलने की ऑटोमेटिक मशीन” करार देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगातार अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
- उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल, अखिलेश, और प्रियंका की पीड़ा संभल दंगे को लेकर नहीं, बल्कि उपचुनाव में इंडिया गठबंधन की हार को लेकर है।
अखिलेश यादव को “दंगा मशीन” बताया:
- डिप्टी सीएम ने अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में उत्तर प्रदेश “दंगा प्रदेश” बन गया था।
- उन्होंने आरोप लगाया कि जब अखिलेश यादव को शांति बनाए रखने की अपील करनी चाहिए थी, तब वे लोगों को भड़काने का काम कर रहे हैं।
- मौर्य ने अखिलेश के बयानों को “गैर-जिम्मेदाराना” बताते हुए कहा कि उनकी राजनीति का भविष्य संकट में है।
राजनीतिक संदेश:
डिप्टी सीएम केशव मौर्य का यह बयान सपा पर दबाव बढ़ाने और भाजपा की सख्त प्रशासनिक छवि को मजबूत करने की कोशिश है।
संभल हिंसा का मुद्दा आगामी चुनावी रणनीति में अहम भूमिका निभा सकता है।


