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UP Politics : स्वामी प्रसाद मौर्य ने सपा और एमएलसी पद से दिया इस्तीफा

by | Feb 20, 2024 | अपना यूपी, आपका जिला, ख़बर, टॉपिक, ट्रेंडिंग, देश, बड़ी खबर, मुख्य खबरें, राजनीति

UP Politics : समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा (UP Politics) दे दिया है। राष्ट्रपति को संबोधित पत्र में स्वामी ने एमएलसी सीट से इस्तीफा देते हुए लिखा कि मैं समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के रूप में एमएलए सीट से उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य के रूप में चुना गया हूं। समाजवादी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा दे दिया है और मैं नैतिक आधार पर उत्तर प्रदेश विधान परिषद की सदस्यता से भी इस्तीफा दे रहा हूं। कृपया इसे स्वीकार करें।

इससे पहले स्वामी ने सपा की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया था। कुछ दिन पहले अखिलेश यादव को लिखे पत्र में स्वामी ने गंभीर आरोप लगाए थे। हालांकि उन्होंने सबसे पहले सपा के महासचिव पद से इस्तीफा दिया था। स्वामी ने लिखा था कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वह कैसे राष्ट्रीय महासचिव हैं जिनका हर बयान निजी बयान बन जाता है और पार्टी के कुछ राष्ट्रीय महासचिव और नेता ऐसे हैं जिनका हर बयान पार्टी (UP Politics) का बयान बन जाता है। कुछ स्तर के अधिकारियों का व्यक्तिगत बयान और कुछ स्तर के अधिकारियों का पार्टी का बयान कैसे हो सकता है? ये समझ से परे है।

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उन्होंने कहा था कि एक और आश्चर्य की बात यह है कि मेरे प्रयासों से आदिवासियों, दलितों और पिछड़ों का रुझान समाजवादी पार्टी की ओर बढ़ा है। पार्टी का जनाधार बढ़ाना और जनाधार बढ़ाने के प्रयास करना और पार्टी का न होकर निजी बयान देना। अगर राष्ट्रीय महासचिव के स्तर पर भेदभाव होता है तो मैं समझता हूं कि ऐसे भेदभावपूर्ण और महत्वहीन पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है। इसलिए मैं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा दे रहा हूं, कृपया इसे स्वीकार करें। मैं पद पर न रहते हुए भी पार्टी को मजबूत करने के लिए तत्पर रहूंगा।

अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि जब से मैं समाजवादी पार्टी में शामिल हुआ हूं तब से लगातार जनसमर्थन बढ़ाने का प्रयास कर रहा हूं। जिस दिन मैं सपा में शामिल हुआ, मैंने नारा लगाया- 50 भी हमारा है, 15 भी बंटा हुआ है। हमारे महापुरुषों ने भी ऐसी ही रेखाएँ खींची थीं। भारतीय संविधान के रचयिता बाबा साहब डॉ. अम्बेडकर ने कहा था बहुजन हिताय बहुजन सुखाय। डॉ. राम मनोहर लोहिया ने कहा था कि समाजवादियों ने बांधी गांठ, पिछड़ों को मिले साठ सौ। इसी प्रकार सामाजिक परिवर्तन के महान नेता कांशीराम साहब 85 बनाम 15 का नारा था।

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मौर्य ने आगे कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में अचानक उम्मीदवार बदलने के बावजूद पार्टी अपना जनाधार बढ़ाने में सफल रही। नतीजा यह हुआ कि 2017 में जहां सपा के पास सिर्फ 45 विधायक थे वहीं यह संख्या बढ़कर 110 हो गई। बिना किसी मांग के आपने मुझे विधान परिषद भेजा और फिर राष्ट्रीय महासचिव बनाया इस सम्मान के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।

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