UP Weather Update : उत्तर प्रदेश में इस समय मौसम में खासा बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई जिलों में हल्की से लेकर तेज बारिश हो रही है, जिससे सर्दी में वृद्धि हो गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही भारी बर्फबारी का असर अब उत्तर प्रदेश में महसूस होने लगा है। इससे यहां तेज ठंड और बारिश की स्थिति बन गई है। इस समय प्रदेश के कई जिलों में कड़ाके की सर्दी भी महसूस हो रही है, और नया साल आने से पहले ठंड ने दस्तक दे दी है।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग का कहना है कि आज सुबह से भी यूपी के कई हिस्सों में बारिश हो रही है और इसके साथ ही सर्दी में इजाफा हो रहा है। इन परिस्थितियों में, मौसम विभाग ने प्रदेश के 50 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।
इसके साथ ही 32 शहरों में घना कोहरा छाने की संभावना जताई गई है, जिससे सर्दी की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। इसके अलावा, कई जिलों में ओलावृष्टि का भी अलर्ट जारी किया गया है, जिससे किसानों और आम लोगों में चिंता का माहौल है।
बढ़ती ठंड से ठिठुरेगा यूपी
मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट के अनुसार, आज प्रदेश के कई प्रमुख जिलों में बारिश हो सकती है। इन जिलों में नोएडा, मेरठ, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, गाजियाबाद, हापुड़, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल, बदायूं, चित्रकूट, फतेहपुर, बांदा, लखीमपुर खीरी, हरदोई, कानपुर देहात, कानपुर नगर, सहारनपुर, फर्रुखाबाद, कन्नौज, अलीगढ, मथुरा, हाथरस, बुलंदशहर, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, जालौन, हमीरपुर, ललितपुर, महोबा और झांसी शामिल हैं। इन जिलों में बारिश होने की पूरी संभावना है, जिससे मौसम का मिजाज और सर्द होगा।
इसके अलावा, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, अयोध्या सहित पश्चिम यूपी के कई जिलों में कोहरे का अलर्ट भी जारी किया गया है। इन जिलों में कोहरा छाने के साथ ही दृश्यता में कमी आ सकती है, जिससे यात्रा में कठिनाई हो सकती है।
मौसम विभाग (UP Weather Update) ने बारिश और कोहरे के साथ इस बार ओलावृष्टि की चेतावनी भी दी है। खासकर पश्चिम यूपी के जिलों में ओलावृष्टि की संभावना जताई जा रही है, जो किसानों के लिए बड़ी चिंता का विषय हो सकती है। ओले गिरने से फसलें प्रभावित हो सकती हैं, जिससे कृषि क्षेत्र को नुकसान हो सकता है।


