Uttar Pradesh : उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में पेपर लीक मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। पेपर लीक मामले में उत्तर प्रदेश का जिक्र आते ही सवाल उठने लगे हैं। पेपर लीक को लेकर सोशल मीडिया पर मजेदार जोक्स भी वायरल हो रहे हैं। पेपर लीक की घटना ने विपक्ष को बीजेपी पर निशाना साधने का हथियार भी मुहैया करा दिया है। मुख्य विपक्षी नेता अखिलेश यादव लगातार बीजेपी पर हमलावर हैं। वह पेपर लीक मामले पर बीजेपी सरकार को घेरते रहे हैं। बेरोजगार और प्रताड़ित युवाओं को शपथ दिलाने के बाद अखिलेश यादव ने अपने ऑफिशियल हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है।
वीडियो में दो ग्रामीणों को दिलचस्प बातचीत करते हुए दिखाया गया है। एक ग्रामीण दूसरे से पूछता है कि उत्तर प्रदेश क्या है? प्रश्न का दिलचस्प उत्तर मिलता है। दूसरे ग्रामीण का कहना है कि जिस राज्य में परीक्षा से पहले ही उत्तर पता चल जाता है उसे उत्तर प्रदेश कहते हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने दोनों ग्रामीणों के बीच हुई दिलचस्प बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। गौरतलब है कि यूपी पुलिस भर्ती और यूपी बोर्ड परीक्षा में पेपर लीक को लेकर बीजेपी सरकार बैकफुट पर है। नकल गिरोह ने सरकार की परीक्षा तैयारियों की पोल खोल दी है।
परीक्षा को ईमानदारी और पारदर्शिता से कराने के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम के दावे किए गए। 17 और 18 फरवरी को यूपी के 75 जिलों में पुलिस भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। 60 हजार पदों के लिए 48 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने भर्ती परीक्षा दी थी। पेपर लीक गिरोह ने पुलिस भर्ती के अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लगा दिया है। परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए। विपक्ष ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आखिरकार सरकार को मजबूरन 24 फरवरी को पुलिस भर्ती परीक्षा रद्द करनी पड़ी। छह माह के अंदर दोबारा परीक्षा कराने के आश्वासन के बाद अभ्यर्थियों का आंदोलन समाप्त हुआ।


